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जाली दस्तखत मामला: गिरफ्तारी से बचने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचे अभिषेक बनर्जी, अदालत ने क्या कहा?

Wed, 03 Jun 2026 01:14 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त किया था। इसके खिलाफ टीएमसी के दो विधायकों ने शिकायत की, जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में पूछताछ के लिए सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पेश होने के लिए नोटिस दिया था। इस मामले में किसी दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए अभिषेक ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को फर्जी दस्तखत मामले में सीआईडी की संभावित कार्रवाई के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को राज्य सीआईडी द्वारा टीएमसी विधायकों के कथित हस्ताक्षर जालसाजी की जांच के संबंध में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका दायर करने की अनुमति दे दी है।
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यह जांच दो विधायकों द्वारा विधानसभा सचिवालय में की गई शिकायत पर आधारित है। विधायकों ने आरोप लगाया था कि टीएमसी के उस प्रस्ताव में उनके हस्ताक्षर जाली किए गए थे, जिसमें बालीगंज के विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त करने का प्रस्ताव था।

बागी विधायकों की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
विधानसभा सचिवालय ने टीएमसी के निलंबित विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की शिकायत पर कोलकाता पुलिस में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाद में, राज्य के गृह सचिव ने जांच सीआईडी को स्थानांतरित कर दी थी। इन विधायकों को बाद में "पार्टी विरोधी गतिविधियों" के लिए टीएमसी से निष्कासित कर दिया गया था।
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अभिषेक बनर्जी के वकीलों द्वारा मौखिक अनुरोध पर न्यायमूर्ति अपूर्बा सिन्हा रे की अवकाशकालीन पीठ ने एफआईआर को चुनौती देने और किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका दायर करने की अनुमति दी।

आठ जून को सीआईडी ने फिर से पेश होने का दिया नोटिस
टीएमसी सांसद बनर्जी के वकीलों ने बताया कि इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। गौरतलब है कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव पर शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर शहर में कथित चुनाव के बाद भड़की हिंसा के पीड़ित के घर जाने के दौरान हमला हुआ था।

सीआईडी ने सोमवार को अभिषेक बनर्जी को कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले के संबंध में तलब किया था। हालांकि, इस नोटिस पर उन्होंने अस्वस्थता का हवाला देते हुए एजेंसी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने पेशी के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध किया था। सामने आई एक नई जानकारी के अनुसार, सीआईडी ने बनर्जी को आठ जून को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा है।
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