पंजाब के राजनीति गलियारों में इन दिनों बहुत अधिक उतार चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। जिसका सीधा कारण यूपी के एकदम बाद पंजाब में होने वाले चुनाव है। हालांकि चुनाव अभी दूर हैं लेकिन इन दिनों पंजाब से हर रोज किसी न किसी नए राजनैतिक उठा-पटक की खबरें आ रही हैं।
इन्हीं खबरों के बीच कल पंजाब की राजनीति में तब नई सरगर्मी पैदी हो गई, जब पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी नई पार्टी के गठन की घोषणा सोशल मीडिया पर कर दी।
इसके बाद एक बार फिर से पंजाब की राजनीति में सियासी भूचाल आ गया। लोग नवजोत को वोटकटुआ बताने में लग गए कोई यह कह रहा है कि यह सिद्धू और भाजपा की अकाली सरकार को सत्ता पर वापस लाने की साजिश है।
इसी विषय पर कल अमर उजाला ने अपने पाठकों से सवाल पूछा था कि "नवजोत सिद्धू के नई पार्टी बनाने से किसको सबसे ज्यादा नुकसान होगा?" पाठकों ने बड़ी संख्या में इस सवाल का जवाब दिया।
अमर उजाल के इस पोल में पांच हजार भाग लिया। हमें प्राप्त वोटों में 2,934 यानि 53 प्रतिशत पाठकों का मानना है कि सिद्ध् के इस निर्णय से आम आदमी पार्टी को नुकसान होगा, सिद्धू के जिसमें शामिल होने के कयास लग रहे थे।
जबकि 38 प्रतिशत यानि 2,099 पाठकों का मानना है पाठकों का मानना है कि इससे सत्तारूढ़ अकाली-भाजपा गठबंधन को नुकसान होगा। केवल 499 यानि 9 प्रतिशत लोगों ने माना कि सिद्धू के इस निर्णय से कांग्रेस को नुकसान होगा।