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कर्नाटक : सिद्धारमैया ने कोरोना मामले पर श्वेतपत्र की मांग की, मंत्री ने दी सफाई

Sat, 27 Mar 2021 08:12 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, बंगलूरू

सार

  • कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने संक्रमण के मामलों, उससे हुई मौतों और अन्य संबंधित मामलों पर श्वतेपत्र जारी करने की मांग की
  • कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने शनिवार को आरोप से किया इनकार
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सिद्धारमैया - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 से संबंधित आंकड़ों को छुपाने की ना तो सरकार की मंशा है और ना हीं इसकी कोई जरुरत है। वहीं, कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने संक्रमण के मामलों, उससे हुई मौतों और अन्य संबंधित मामलों पर श्वतेपत्र जारी करने की मांग की।

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मंत्री ने विपक्ष के नेता पर पलटवार करते हुए कहा कि जिम्मेदार पदों पर आसीन लोगों को राजनीतिक लाभ के लिए गलत आरोप लगाने से बचना चाहिए। सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और सुधाकर से सवाल किया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सेवा विभाग के अनुसार कोविड-19 से दिसंबर 2020 तक 12,090 लोगों की मौत हुई है। जबकि योजना और सांख्यिकी विभाग के अनुसार 22,320 लोगों की मौत हुई है। कौन सा आंकड़ा सही है?

सिलसिलेवार ट्वीट में सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की अक्षमता, भ्रष्टाचार और झूठ कर्नाटक में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार हैं और राज्य की जनता बेशर्म प्रशासन की गलतियों के कारण संकट झेल रही है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने सिर्फ कोविड-19 के मामलों पर ही नहीं बल्कि दवाओं, मास्क, सेनेटाइजर, पीपीई किट और अन्य वस्तुओं की खरीद को लेकर भी झूठ बोला है। सिद्धारमैया ने कहा कि भ्रष्टाचार और अक्षमता को छुपाने के लिए सुधाकर लगातार झूठ बोल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार को कोविड-19 के मामलों, उससे हुई मौतों, इलाज और दी गई अनुग्रह राशि के संबंध में श्वेतपत्र जारी करे। उन्होंने कहा कि इस महामारी के खिलाफ इलाज की मदद से लड़ा जा सकता है, झूठ बोलकर नहीं।

सिद्धारमैया के आरोपों पर सुधाकर ने कहा कि आंकड़े छुपाने की सरकार की ना तो मंशा है और नाहीं इसकी कोई जरुरत है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर आसीन लोगों को राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी आरोप लगाने से बचना चाहिए। मंत्री ने कहा, ‘‘यह हमारे कोरोना योद्धाओं का अपमान है जो पिछले एक साल से अथक परिश्रम कर रहे हैं।’’

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