कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य सिद्दारमैया ने शुक्रवार को मंगलुरु की पत्रकार और कांग्रेस नेता कृपा अल्वा का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि वे इस स्टिंग ऑपरेशन के पीछे हैं। उन्होंने इसे खुद को ब्लैकमेल करने और झूठे आरोपों के जरिये अपनी छवि खराब करने की एक सुनियोजित साजिश बताया।
सिद्दारमैया ने क्या आरोप लगाए?
मैसूरु में सुत्तूर शाखा मठ में मीडिया से बात करते हुए सिद्दारमैया ने कहा कि यह बात उनके संज्ञान में इस साल सितंबर में आई थी। उन्होंने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा, एक पत्रकार और मंगलूरू की कृपा अल्वा ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। मैंने खुद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। इन आरोपों में कोई दम नहीं है और ये पूरी तरह से झूठ हैं।
उन्होंने बताया कि अपने खिलाफ लगाए जा रहे झूठे आरोपों और बदनाम करने के अभियान को रोकने के लिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सिद्दारमैया ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके आठ साल के कार्यकाल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई और अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्हें कभी ऐसे बेबुनियाद आरोपों का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने कहा, आजकल की राजनीति में इस तरह के ब्लैकमेल के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। मैंने कोई गलत काम नहीं किया है। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है, इसलिए मुझे किसी के नैतिक समर्थन की जरूरत नहीं है और न ही किसी को मेरे साथ खड़े होने की आवश्यकता है।
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जांच में किसकी भूमिका सामने आएगी?
इस विवाद से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे लोगों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए बयान दे रहे हैं और वे ऐसा करना जारी रखने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच से यह पता चलना चाहिए कि इस कथित साजिश के पीछे कौन है।
उन्होंने कहा, जांच के बाद ही पता चलेगा कि इसमें हमारी अपनी पार्टी के लोग शामिल थे या विपक्ष के। मुझे सरकार की जांच पर पूरा भरोसा है। किसी एसआईटी या अन्य उच्च-स्तरीय जांच की कोई आवश्यकता नहीं है। सिद्दारमैया ने दावा किया कि यह कथित साजिश अपने मकसद में कामयाब नहीं होगी। यह मामला तब एक नया मोड़ ले गया, जब सिद्दारमैया के बेटे यतींद्र सिद्दारमैया ने आरोप लगाया कि इस स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कांग्रेस के ही कुछ नेता हैं।
यतींद्र सिद्दारमैया ने क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया ने शुक्रवार सुबह आरोप लगाया कि उनके पिता, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य सिद्दारमैया के खिलाफ किया गया स्टिंग ऑपरेशन को पार्टी के ही कुछ लोगों ने अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद उनकी छवि खराब करना, उनकी 40 साल की राजनीतिक विरासत को नष्ट करना और उन्हें ब्लैकमेल करना था।
उन्होंने कहा कि जांच से यह साफ हो जाएगा कि वीडियो में दिखने वाले लोगों ने यह काम खुद अपनी मर्जी से किया या किसी और के कहने पर। मीडिया से बात करते हुए यतींद्र ने कहा कि वीडियो में कुछ कांग्रेस नेताओं और एक वरिष्ठ मीडियाकर्मी की संलिप्तता दिख रही है, इसलिए यह जांचना जरूरी है कि किन हालात में यह स्टिंग ऑपरेशन किया गया।
उन्होंने कहा, यह स्टिंग ऑपरेशन उनकी छवि खराब करने, उनकी विरासत को खत्म करने और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए किया गया है। वीडियो से साफ है कि इसमें हमारी ही पार्टी के नेता और एक मीडिया प्रमुख शामिल हैं। जांच से पता चलना चाहिए कि क्या उन्होंने खुद ऐसा किया या किसी और के कहने पर।
क्या कांग्रेस की महिला नेता पर है शक?
हालांकि, यतींद्र ने कहा कि उन्हें किसी खास व्यक्ति पर शक नहीं है और जांच से ही असल तथ्य सामने आने चाहिए। कांग्रेस नेताओं की कथित संलिप्तता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इसमें एक महिला नेता का जिक्र है, जिसका नाम वीडियो में सामने आया है। उनके मुताबिक, उस महिला ने पुत्तूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस का टिकट मांगने की बात कही थी।
उन्होंने कहा, पहली नजर में तो यही लगता है कि शायद इसी वजह से यह स्टिंग ऑपरेशन किया गया हो, लेकिन हम यह नहीं कह सकते कि पूरी पार्टी ने हमारे खिलाफ साजिश रची है, सिर्फ इसलिए क्योंकि इसमें पार्टी का एक कार्यकर्ता शामिल था।