कौन हैं श्याम राव शिर्के
श्याम राव शिर्के पेशेवर इंजीनियर नहीं हैं और ना ही उनके पास कोई इंजीनियरिंग की डिग्री है। वे मात्र 11वीं पास हैं। ये तकनीक उनकी आय का कोई विशेष साधन नहीं है। उनकी आजीविका मैकेनिकल कॉन्ट्रैक्टरशिप पर निर्भर है। हार्ट अटैक की वजह से वो अब पहले की तरह सक्रिय नहीं है लेकिन, इंजीनियरिंग इनोवेशन की धुन उनके सिर पर इस तरह सवार रहती है कि वो कोई ना कोई ऐसा उपकरण ईजाद करने में जुटे रहते हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद श्याम राव शिर्के ने अपने इस हुनर को उम्र के इस पड़ाव में भी जीवित रखा।
चार साल पहले उन्होंने अपने इस प्रोजेक्ट को पूरा किया और पेटेंट करवाने का प्रयास किया। श्याम राव के मुताबिक, उन्हें इस बात की खुशी है कि उनका मॉडल पेटेंट हो चूका है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान में भी आ चुका है। श्याम राव शिर्के के मुताबिक उनका यह प्रोजेक्ट वातावरण में फैलने वाली बदबू ही नहीं बल्कि कई तरह के कीट पतंगों को पैदा होने से भी रोकेगा। छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है।