महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में शिक्षक व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में प्रमुख सीटों पर भाजपा को मिली हार मोदी सरकार की नीति के खिलाफ जनमत संग्रह है। विदर्भ के किसान नेता और वसंतराव नाइक कृषि स्वावलंबन मिशन के अध्यक्ष (दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री) किशोर तिवारी ने इस संबंध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत को फिर से एक गंभीर खुला पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने फिर एक राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है।
तिवारी ने अपने पत्र में बिना नाम लिए विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस पर प्रहार करते हुए उनकी पत्नी अमृता फडणवीस पर व्यंग्य किया है। उन्होंने लिखा है कि महाराष्ट्र भाजपा मे कुछ लोगों की चौकड़ी, हिंदुत्ववादी शिवसेना को हर रोज प्रताड़ित करती है। हार का मुख्य कारण तो सिर्फ और सिर्फ चौकड़ी का उन्माद है।
राजनैतिक मामलों में घरवाली (अमृता फडणवीस) का अनावश्यक हस्तक्षेप और "अमृता-वाणी" के माध्यम से फैले हुए विषैले प्रकार को रोकने का अनुरोध मैंने हमेशा किया था। अब यह संदेश फैलाया जा चुका है कि भगवान "इंद्र" (देवेंद्र) और उनकी "अमृता-वाणी" (अमृता फडणवीस) राज्य भाजपा के पूर्ण मालिक हैं। बाकी सब नगण्य गुलाम हैं। इसलिए अब भाजपा में संघ को हस्तक्षेप करना चाहिए।