महाराष्ट्र में आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार ने धार्मिक स्थलों को खोलने की मंजूरी दे दी है। महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को कहा कि राज्य के सभी धार्मिक स्थलों को 16 नवंबर से श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया जाएगा और सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
उधर रविवार को श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष आदेश बांदेकर ने मंदिर खुलने के मद्देनजर कई दिशानिर्देश जारी किए। ट्रस्ट की तरफ से कहा गया है कि मंदिर में हर घंटे 100 और रोजाना हजार श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति होगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं को मंदिर का एप डाउनलोड करना होगा और अपनी जानकारी देनी होगी।
राज्य सरकार की मंजूरी के बाद पुणे स्थित दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर ने भी श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रांगण को खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि मंदिर के ट्रस्ट ने भी लोगों से दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ट्रस्ट के मुताबिक श्रद्धालुओं को ज्यादा देर तक प्रार्थना की इजाजत नहीं होगी और सिर्फ दर्शन करने की ही अनुमति दी जाएगी।
शिरडी का साईं बाबा मंदिर भी सभी तरह के सुरक्षा उपायों के साथ कल से खोला जाएगा। इस संबंध में मंदिर प्रबंधन ने कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन के लिए ऑनलाइन बुकिंग से टाइम स्लॉट लेना पड़ेगा। इसके अलावा लोगों को आरटीपीसीआर रिजल्ट दिखाना होगा। वहीं मंदिर में आठ से दस साल के बाचों के आने पर पाबंदी होगी।
बता दें कि शनिवार को राज्य सरकार के मंत्री जयंत पाटिल ने संवाददाताओं को बताया कि सभी धार्मिक स्थलों के लिए नियम एक समान होंगे। इसमें सामाजिक दूरी बहुत महत्वपूर्ण है, मास्क और सैनिटाइजर अनिवार्य होंगे।
गौरतलब है कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में शुक्रवार को 4,132 नए कोरोनो संक्रमित सामने आए, इसकी वजह से राज्य में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 17,40,461 हो गई। वहीं अब तक यहां 45, 809 लोगों की जान गई है।