कट्टरपंथी प्रचारक जाकिर नाईक को उसका पासपोर्ट रद्द करने के संबंध में पासपोर्ट अथॉरिटी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अथॉरिटी ने जाकिर से पूछा है कि उसका पासपोर्ट क्यों नहीं रद्द कर दिया जाए।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 51 वर्षीय नाईक जिसे पिछले सप्ताह नोटिस जारी कर 13 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने को कहा गया है। एनआईए की तरफ से जाकिर के खिलाफ आतंक और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच चल रही है।
बांग्लादेश में एक आतंकी की तरफ से जाकिर के भाषण से प्रेरित होकर जिहाद छेड़ने का दावा करने के बाद जाकिर 1 जुलाई 2016 को देश छोड़कर भाग गया था। एक ऑनलाइन न्यूज पोर्टल मिडिल ईस्ट मॉनिटर के अनुसार नाईक को सऊदी अरब की नागरिकता प्रदान कर दी गई है।
अभी तक इस बारे में को स्वतंत्र जांच नहीं हुई है। नाईक का पासपोर्ट पिछले साल जनवरी में रिन्यू 10 साल की वैधता के साथ रिन्यू किया गया था।