फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएसएफ कर्मियों के लिए 47 हजार मकानों की कमी, जमीन संकट के चलते अब बनेंगी बहुमंजिला इमारतें

Tue, 02 Jun 2020 07:37 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
BSF - फोटो : For Refernce Only
विज्ञापन
भारत से लगती पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ कर्मियों को मकानों की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। केवल टाइप-2 की बात करें तो करीब 47 हजार से ज्यादा मकानों की कमी है।

विज्ञापन

कंपोजिट बीओपी के लिए भी पर्याप्त जमीन नहीं मिल पा रही है। विभाग से संबंधित पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ऑफ होम अफेयर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बीएसएफ में मकानों को लेकर संतुष्टि का स्तर महज 45 फीसदी है।

अराजपत्रित रैंक के लिए अलॉट होने वाले टाइप-2 और टाइप-3 के मकानों की संख्या बहुत कम है। इस वजह से बीएसएफ अब फ्लैट खरीदने की दिशा में काम कर रही है।

साथ ही बहुमंजिला बिल्डिंग योजना पर भी काम शुरू हो गया है।
 

संसदीय समिति ने गत वर्ष दिसंबर में यह रिपोर्ट संसद में पेश की थी। इसमें कहा गया था कि बीएसएफ में जो 9156 मकान बन रहे हैं, उनकी गति सुस्त है।

विज्ञापन


फोर्स में मकानों को लेकर संतुष्टि का लेवल भी कम है। टाइप-2 के मकान, जो कि सबसे कम है, उन्हें लेकर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।

समिति ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी अपनी सिफारिश में कहा है कि वह इसके लिए कोई प्रभावशाली नीति बनाए, जिससे बल में मकानों की कमी दूर हो सके। मकानों को लेकर बल में संतुष्टि का स्तर कम से कम 50 फीसदी तो होना ही चाहिए।

2018-19 में केवल 2002 नए मकान बनाए गए हैं। इसके अगले साल 4829 मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद मंत्रालय ने तैयार फ्लैट खरीदने की प्रक्रिया शुरू की।

इस योजना के अंतर्गत दिल्ली में 453 एलआईजी फ्लैट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कमेटी का सुझाव था कि बीएसएफ में मकानों की कमी को पूरा करने के लिए राज्य सरकारों और संबंधित अथॉरिटी पर दबाव डाला जाए।
विज्ञापन


साथ ही इनोवेटिव सोल्यूशन की तलाश की जाए। बहुमंजिला बिल्डिंग बनाने की योजना पर अमल शुरू किया जाए। बल के पास जो भूमि है, उस पर रैखिक हाउसिंग मॉडल का तैयार करें जो कि रैखिक बॉर्डर आउटपोस्ट मॉडल पर आधारित हो।

इससे बल में जमीन अधिग्रहण की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें