Hathras Rape Case: शिवसेना ने मंगलवार को हाथरस मामले में केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला। शिवसेना ने कहा कि केंद्र सरकार मुंबई में एक अभिनेत्री को वाई प्लस सुरक्षा देती है, लेकिन हाथरस में पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी मिल रही है। उस परिवार को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है। यह बाबा साहेब के संविधान के अनुरूप नहीं है। यह समान न्याय का सिद्धांत नहीं है।
शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा, अगर पीड़ित परिवार के लिए वाई प्लस सुरक्षा की मांग की जाती है तो इसमें क्या गलत है। हाथरस मामले से कई महत्वपूर्ण लोगों के चेहरे से मुखौटा उतर गया है।
इसके साथ ही यूपी सरकार द्वारा मामले की जांच को सीबीआई को सौंपे जाने पर भी शिवसेना ने सवाल उठाए हैं। अपने संपादकीय में शिवसेना ने पूछा कि जब परिवार मामले न्यायिक जांच की मांग कर रहा है तो मामला सीबीआई को क्यों सौंपा गया। सीबीआई इस मामले में क्या करेगी।
आरोप लगाया कि यूपी सरकार ने पीड़ित का अंतिम संस्कार करके सभी साक्ष्यों को नष्ट कर दिया है। क्या हाथरस की पुलिस ने यह अपने शीर्ष अधिकारियों से बिना पूछे किया? यह सब सहमति से हुआ।
जिन लोगों ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर महाराष्ट्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश की वे हाथरस मामले से खुद गड्ढे में गिर गए। अगर सरकार ने इस मामले को दबाने की कोशिश न करती तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। अब बोलने से क्या फायदा। इसके साथ ही उसने सलाह दी कि यूपी सरकार के मंत्रिपरिषद को पीड़ित परिवार से मिलना चाहिये।