महाराष्ट्र में चल रही तीन दलों (शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी) की महा विकास अघाड़ी गठबंधन सरकार में एक बार फिर अनबन शुरू हो गई है। एनसीपी की दबंगई से परेशान परभणी के शिवसेना सांसद संजय (बंडू) जाधव ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा शिवसेना अध्यक्ष व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास भेजा है। संजय जाधव के इस्तीफे के बाद शिवसेना में हलचल मच गई है।
खबर है कि उद्धव ठाकरे के निजी सचिव मिलिंद नार्वेकर ने इस संबंध में तत्काल एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल से बातचीत की और मामले को सुलझाने का प्रयास किया। लेकिन सांसद जाधव को मनाने की कोशिश सफल नहीं हो पाई है। इससे एक बार फिर महाविकास आघाड़ी सरकार में स्थानीय स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच प्रतिद्वंदिता खुलकर सामने आई है।
मुख्यमंत्री ठाकरे को लिखे पत्र में संजय ने कहा है कि जिंतर कृषि उत्पन्न बाजार समिति में गैर सरकारी प्रशासक मंडल की नियुक्ति के लिए पिछले 10 महीने से प्रयास कर रहा हूं। लेकिन जिंतूर से एनसीपी-कांग्रेस का एक भी विधायक न होने के बावजूद कृषि उत्पन्न बाजार समिति पर एनसीपी का पदाधिकारी दूसरी बार नियुक्त कर दिया गया। यह मेरे लिए तकलीफदेह है और शिवसैनिकों में भारी नाराजगी है।
जाधव ने लिखा, 'भाजपा, कांग्रेस और एनसीपी के कई स्थानीय नेता शिवसेना में आना चाहते हैं लेकिन जब मैं अपने ही कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं दिला पा रहा हूं तो दूसरे दल से आने वालों को कैसे न्याय दिला सकूंगा। मैं दिवंगत बाल ठाकरे के शिवसैनिक हूं। अगर कार्यकर्ताओं को न्याय नहीं दिला पाऊंगा तो इस पद रहने का मुझे कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।