महाराष्ट्र की राजनीति के दो पलड़ों का शक्ति संतुलन एक बार फिर शिवसेना के पक्ष में झुकता दिख रहा है। 2017 के बीएमसी चुनाव अकेले लड़ रही शिवसेना ने बीजेपी को काफी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि यह पहली बार नहीं है कि शिवसेना ने बीएमसी चुनावों में पताका फहराई हो। बाल ठाकरे के समय से ही बीएमसी चुनावों में शिवसेना की तूती बोलती रही है। पिछले पांच चुनाव के आंकड़े इसकी खुली गवाही देते हैं।
बीएमसी चुनाव 2012 के नतीजे
शिवसेना - 75
कांग्रेस - 52
बीजेपी - 31
एमएनएस - 27
एनसीपी - 7
समाजवादी पार्टी - 9
अन्य - 26
*इन चुनावों के बाद शिवसेना और बीजेपी का गठबंधन सत्ता में आया।
बीएमसी चुनाव 2007 के नतीजे
शिवसेना- 84
बीजेपी - 28
कांग्रेस - 75
एनसीपी - 14
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना - 7
समाजवादी पार्टी - 7
अन्य - 12
*इन चुनावों के बाद शिवसेना और बीजेपी का गठबंधन सत्ता में आया।
बीएमसी चुनाव 2002 के नतीजे
शिवसेना - 97
कांग्रेस - 61
बीजेपी - 35
एनसीपी - 12
*इन चुनावों के बाद शिवसेना और बीजेपी का गठबंधन सत्ता में आया।
बीएमसी चुनाव 1997 के नतीजे
शिवसेना - 103
बीजेपी - 26
कांग्रेस - 48
समाजवादी पार्टी - 21
अन्य - 23
*इस बार बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था।
बीएमसी चुनाव 1992 के नतीजे
इन चुनावों में कांग्रेस-आरपीआई गठबंधन को 114 सीटें मिली, लेकिन 1996 में मेयर की सीट उनके शिवसेना के हाथों हारना पड़ा।, जबकि बहुमत उनके पास था। गठबंधन में दरार आने के चलते शिवसेना और बीजेपी के लिए रास्ते खुल गए।