जन्मस्थान पर विवाद के बाद अब बीड के साई भक्त पाटणकर ने दावा किया कि शिरडी जाते समय साईंबाबा बीड में रुके थे और हथकरघा की दुकान में नौकरी करते थे। साई सच्चरित्र में इसका उल्लेख है। हमारे पिता जनार्दन महाराज पाटणकर ने कहा था कि साई ने चार-पांच साल बीड में नौकरी की थी। इसलिए बीड में भी तीर्थ क्षेत्र के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये दिए जाने चाहिए।