एशिया की वैभवशाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में 25 साल से अधिक समय से सत्तासीन शिवसेना को अब भाजपा से डर लगने लगा है। शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि मुंबई के लोग उन्हें परास्त करेंगे जो बीएमसी से भगवा ध्वज को हटाने की बात कर रहे हैं। दरअसल, भाजपा ने दो दिन पहले ही मिशन मुंबई के तहत एलान किया है जिससे शिवसेना तिलमिला गई है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने दो दिन पहले मुंबई भाजपा कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए कहा था कि 2022 में बीएमसी में फिर से भगवा झंडा फहराया जाएगा, लेकिन यह शिवसेना का नहीं भाजपा का झंडा होगा। इस कार्यक्रम में देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि शिवसेना के हिंदुत्व में मिलावट है जबकि भाजपा के हिंदुत्व में कोई मिलावट नहीं है।
उल्लेखनीय है कि शिवसेना का दो दशक से अधिक समय से बीएमसी पर नियंत्रण है जिसका वार्षिक बजट 35,000 करोड़ रुपये से अधिक है। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे कई बार कह चुके हैं कि शिवसेना को बीएमसी से ही रसद मिलती है। जिसकी बदौलत मातोश्री का करिश्मा कायम है।
बीएमसी से भगवा उतारने का मतलब मुंबई पर महाराष्ट्र का अधिकार खत्म
बीएमसी में भाजपा का झंडा फहराने की फडणवीस के बयान के बाद शिवसेना ने मुखपत्र के जरिए निशाना साधा है। मुखपत्र में शिवसेना ने कहा है कि बीएमसी पर भगवा ध्वज महाराष्ट्र गौरव का प्रतीक है। यदि भगवा ध्वज को स्पर्श करोगे तो तबाह हो जाओगे। बीएमसी पर भगवा उतारने की बात करना मतलब मुंबई पर से महाराष्ट्र का अधिकार नकारने जैसा है। जो लोग मराठी गौरव के झंडे को उतारने की साजिश कर रहे हैं, वे देश के कट्टर हिंदुत्व का अपमान कर रहे हैं। जिन लोगों ने बीएमसी से भगवा ध्वज को हटाने का सपना देखा, वे राजनीति और सार्वजनिक जीवन से हमेशा के लिए गायब हो गए।
'सामना; के जरिए निकाली भड़ास, मुख्यमंत्री ठाकरे ने बुलाई मंत्रणा बैठक
भाजपा के मिशन मुंबई के एलान के बाद शिवसेना ने सुबह जहां मुखपत्र 'सामना' के माध्यम से अपनी भड़ास निकाली। वहीं, शुक्रवार शाम को पार्टी अध्यक्ष व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सरकारी आवास वर्षा बंगले पर पार्टी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। शिवसेना सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में साल 2022 के बीएमसी चुनाव की तैयारियों को लेकर मंथन हुआ। लेकिन इस बैठक के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ पाई।