शिवसेना के सांसद संजय राउत ने इसके पीछे राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री महाराष्ट्र के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि इस राज्य की कमान उनके गृह राज्य गुजरात के विपरीत एक मजबूत मुख्यमंत्री के हाथों में है।
वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री मोदी जी दमन, दीव और गुजरात में चक्रवात ताउते से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं। महाराष्ट्र में इससे प्रभावित कुछ इलाकों का क्यों नहीं कर रहे? क्या यह साफ-साफ भेदभाव नहीं है?'
राउत ने कहा, 'प्रधानमंत्री चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए महाराष्ट्र का हवाई सर्वेक्षण नहीं कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि राज्य के नेतृत्व की कमान (मुख्यमंत्री) उद्धव ठाकरे जैसे मजबूत और कुशल नेता संभाल रहे हैं जो सभी प्रकार की समस्याओं से निपटने में सक्षम हैं।'
उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री अपने राज्य का दौरा कर रहे हैं जहां एक कमजोर राज्य सरकार है और चक्रवात ने अधिकतम नुकसान पहुंचाया है।' राउत ने कहा कि चक्रवात ने महाराष्ट्र और गोवा में भी तबाही मचाई है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को गुजरात के भावनगर पहुंचे थे।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री चक्रवात के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को गुजरात के भावनगर पहुंचे और बाद में उना, दीव, जाफराबाद और महुवा के हवाई सर्वेक्षण के लिए निकले। सर्वेक्षण के बाद, प्रधानमंत्री का अहमदाबाद में एक समीक्षा बैठक का कार्यक्रम था।
चक्रवाती तूफान ने गुजरात के तटीय क्षेत्रों में तबाही की छाप छोड़ी है। इसके चलते 12 जिलों में 45 लोगों की जान चली गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। गुजरात में सोमवार देर रात दस्तक देने से पहले, चक्रवात ने महाराष्ट्र के कई इलाकों खासकर तटीय इलाकों में नुकसान पहुंचाया।