जी राम जी योजना को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो गया है। सरकार का दावा है कि नई योजना के तहत किसानों और मजदूरों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा और इससे गांवों का विकास होगा। वहीं कांग्रेस ने इसे गरीब विरोधी बताते हुए देशभर में आंदोलन का ऐलान किया है। दोनों पक्ष जनता के बीच अपनी-अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।
जी राम जी योजना पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच रार गहराती हुई दिखाई दे रही है। कांग्रेस ने इसके विरोध में पूरे देश में आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से लोगों के बीच जाने की तैयारी कर ली है। वहीं, केंद्र सरकार भी अपने मंत्रियों और भाजपा संगठन के माध्यम से जनता को इसकी खूबियां बताने की योजना बना रही है। इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जी राम जी योजना के अंतर्गत किसानों-श्रमिकों को सौ से बढ़ाकर 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
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भूतपूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी की स्मृति में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज जो एनडीए सरकार केंद्र में शासन कर रही है, उसके विचारों की नींव चौधरी चरण सिंह ने ही रखी थी। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह के आदर्शों को ध्यान में रखते हुए ही श्रमिकों की कार्य योजना को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है जिससे उनका कल्याण हो सके।
किसानों-श्रमिकों का जीवन बदलेगा ये बिल
शिवराज सिंह ने कहा कि इससे किसानों-श्रमिकों का जीवन बदलेगा और इससे इससे गाँव की तस्वीर बदलने वाले काम होंगे। हमने किसानों की आवाज सुनकर ही खेती के सीजन में इस योजना को बंद रखने का निर्णय लिया है और अब जाकर ये योजना मजदूरों एवं किसान दोनों के कल्याण के लायक बनी है। उन्होंने कहा कि हम किसानों के साथ बेईमानी नहीं होने देंगे।
नेहरू के खिलाफ बोलने की हिम्मत दिखाई
शिवराज सिंह जी ने कहा कि जिस समय पंडित जवाहर लाल नेहरू के खिलाफ बोलने का कोई साहस नहीं करता था, तब चौधरी चरण सिंह ने उनके सहकारी खेती के विदेशी सिद्धांत का जमकर विरोध किया। गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित चौधरी ने हिंडन नदी के किनारे जाकर नमक तोड़ा और जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करके किसान को जमीन का मालिक बनाया।जिक्र करते हुए कहा कि इसका मकसद संविधान में बदलाव करना था।