मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि वह अपने दोनों बेटों की शादी के बाद अब वो वानप्रस्थ आश्रम में जा रहे हैं। अब वो अपना पूरा समय किसानों की सेवा में देंगे। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सांसदों द्वारा पूछे गए पूरक सवालों का जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैं गृहस्थ से वानप्रस्थ आश्रम में जा रहा हूं। मेरे दोनों बेटों की शादी के बाद रिसेप्शन है। मैंने सभी को आमंत्रित किया है। कल से मैं वानप्रस्थी हो जाऊंगा। इसके बाद मैं अपना पूरा समय किसानों की सेवा में लगाऊंगा क्योंकि उनकी सेवा ही मेरे लिए भगवान की पूजा है।
मंगलवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से प्रश्न पूछा। प्रियंका ने वायनाड में प्राकृतिक आपदा के बाद वहां के किसानों से जुड़ा सवाल कृषि मंत्री से पूछा। प्रियंका गांधी ने सवाल किया, विदर्भ के पैकेज के दौरान केरल के तीन जिलों को भी जोड़ा गया। वायनाड में 2024 में आई प्रलय को देखते हुए क्या मंत्रालय वायनाड को लेकर कोई स्पेशल रिव्यू करने जा रहा है। इसके अलावा केरल के रबड़ किसान द्वारा फेस की जा रही परेशानियों को देखते हुए सरकार कोई कदम उठा रही है। साथ ही क्या उन्हें एमएसपी के दायरे में लाया जा सकता है। मिर्ची के दामों में उथल-पुथल को देखते हुए मंत्रालय के पास कोई स्पेशल प्लान है क्या? उन्होंने कहा कि मंत्री जी ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री जी की किसानों के प्रति कितनी हमदर्दी है। प्रधानमंत्री खुद वायनाड गए थे। उन्होंने खुद किसानों की पीड़ा देखी। मैं उनसे आग्रह करना चाहती हूं कि वो केरल और वायनाड के किसानों के प्रति भी हमदर्दी दिखाएं।
प्रियंका के सवाल के बाद कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जवाब दिया। चौहान ने कहा, किसान किसान हैं, वो चाहे केरल का हो या कर्नाटक का हो। भेदभाव का कोई सवाल नहीं है। मैं यह निवेदन करना चाहता हूं कि जब इस तरह की आपदाएं आती हैं तो केंद्र सरकार हर राज्य एसबीआरएफ के तहत राज्यों को राशि आवंटित करता है। प्लानिंग कमीशन अनुशंसा करता है, उसके आधार पर ही ऐसा किया जाता है। और उसमें 75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र का होता है और 25 प्रतिशत राशि राज्य की होती है। जब ऐसी आपदा आती है तो उस राशि का राज्य उपयोग करते हैं लेकिन बावजूद इसके कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा आती है तो केंद्र सरकार विशेष टीम भेजती है।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में दिक्कत हुई थी। अत्यंत बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हुई थी। केंद्रीय टीम वहां गई थी। मैं भी वहां गया था। हमने वहां की स्थिति का आकलन भी किया था। रिपोर्ट भी सबमिट की थी। इसके आधार पर फिर एनडीआरएफ की राशि राज्य सरकारों को दी जाती हें। केरल को भी एनडीआरएफ के तहत 138 करोड़ रुपये दिए गए थे। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि बिना किसी भेदभाव के अगर कोई संकट आएगा तो केरल सरकार राज्य सरकारों के साथ खड़ी रहेगी।
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कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने प्रियंका गांधी के आखिरी सवाल पर कहा कि उन्होंने रेट की बात पूछी। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि पिछले दिनों चीनी के दाम कम हो गए थे। मिर्ची भी मसालों में आती है। लेकिन हमने तुरंत यह निर्णय लिया कि रेट चीनी के 11 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी जाएगी। हमने यहां से आदेश जारी किए। आपने अलग-अलग तरह के किसानों के बारे में पूछा। मैं सुपारी उत्पादक किसानों के बीच कर्नाटक गया। भयानक बीमारी के कारण वो पेड़ नष्ट हो गए। वहां भी हमने स्पेशल पैकेज दिया। जहां भी प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को दिक्कत आएगी। उनके साथ भारत सरकार खड़ी रहेगी। उनके साथ भारत सरकार खड़ी रहेगी।