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पूरी हिस्सेदारी मिले तो महागठबंधन भी करेंगे स्वीकार : शिवपाल

Thu, 25 Oct 2018 04:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई
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प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के मुखिया शिवपाल सिंह ने उरई में समाजवादी पार्टी के खिलाफ जमकर तेवर दिखाए। जिला पंचायत भवन में बुधवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि पहली बात तो 2019 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन होने वाला नहीं है, यदि होता भी है तो वह कहेंगे कि उनकी पार्टी को इसमें शामिल किया जाए, लेकिन शर्त यही होगी कि भागीदारी (सीटें) पूरी मिले।

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वह पार्टी पर नेता जी (मुलायम सिंह यादव) के रुख पर बोले कि सबकुछ उन्हीं की मर्जी और अनुमति से हुआ है। यह बात और है कि जबसे उन्होंने सपा छोड़कर अपनी पार्टी खड़ी की है, तबसे जरूर सपा में नेताजी का सम्मान होना शुरू हो गया है।  

'लगता नहीं कि हो पाएगा महागठबंधन'

भाजपा पर निशाना साधते हुए शिवपाल सिंह ने कहा कि आज देश और प्रदेश सभी जगह लोग महंगाई की मार से पीड़ित हैं। नोटबंदी और जीएसटी ने कारोबारियों की कमर ही तोड़ दी है। बिना नाम लिए सपा के दिग्गज नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार चुनाव में यदि गठबंधन के बीच कुछ लोग आड़े न आए होते तो आज शायद देश की तस्वीर ही दूसरी होती। सपा के वही लोग आज भी महागठबंधन नहीं होने दे रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि तीन राज्यों के चुनाव होने वाले हैं, लगता नहीं है कि भाजपा के खिलाफ महागठबंधन हो पाएगा। वह जरूर चाहते हैं कि महागठबंधन हो और प्रगतिशील पार्टी को भी उसके हिस्से का शेयर मिले। सपा के वे लोग जिन्होंने कभी भाजपा के खिलाफ मुंह तक नहीं खोला, अब उन्हें भाजपा का एजेंट बता रहे हैं। रही बात उन्हें प्रदेश सरकार से मिले सरकारी बंगले की, तो वह वरिष्ठ विधायक हैं और दो बार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं, जिससे उन्हें बंगला मिला है। 

सपा को दिए 40 साल फिर भी नहीं मिला सम्मान

परिवार से अलग होकर पार्टी बनाने के सवाल पर कहा कि उन्होंने 40 साल दिए हैं समाजवादी परिवार को, फिर भी उनका सम्मान नहीं हो रहा था। उन्हें किसी बैठक में नहीं बुलाया जाता था। सिर्फ चापलूसों की बात पर ही ध्यान दिया जाता था। यही हाल उन परिवारों का भी जिन्होंने सपा की साख के लिए अपना सब कुछ लगा दिया लेकिन पार्टी में उनके मान सम्मान को भी नजरअंदाज किया जा रहा था। आज सभी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। 

अमर सिंह को लेकर नहीं की कोई टिप्पणी
अमर सिंह की टिप्पणी को लेकर कहा कि उनके बारे में कुछ न कहलाएं तो ही बेहतर रहेगा। रही बात नेताजी की तो कई बार कह चुके हैं कि उनकी अनुमति लेकर ही पार्टी बनाई है। इस मौके पर झांसी मंडल के प्रभारी चौधरी विष्णुपाल सिंह नन्हू राजा, जिलाध्यक्ष लाखन सिंह कुशवाह, शिवपाल फैंस एसोसिएशन के दीपू त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।   

गूंजे चाचा जिंदाबाद के नारे 
भले ही अखिलेश और शिवपाल आज एक दूसरे के धुर विरोधी हो, लेकिन समर्थक उन्हें अखिलेश का चाचा ही मानते है, यही वजह है कि शिवपाल के स्वागत में शिवपाल चाचा जिंदाबाद के नारे गूंजते रहे। हालांकि सपाइयों ने शिवपाल से पूरे कार्यक्रम के दौरान दूरी ही बनाए रखी, लेकिन शिवपाल के तामझाम में कोई कमी नहीं थी। लंबी कारों की फ्लीट और उसके आगे निकलती पुलिस की गाड़ियों के साथ काफिले का जगह जगह स्वागत किया गया।

झांसी में बोले शिवपाल- मन से नहीं, मजबूरी में छोड़ी सपा

झांसी के सर्किट हाउस में शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने समाजवादी पार्टी मन से नहीं, बल्कि मजबूरी में छोड़ी थी। उनका और मुलायम सिंह का लगातार अपमान होने के बाद उन्हें सपा से किनारा करना पड़ा। उनकी नई पार्टी लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी सीटों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। इससे पूर्व शिवपाल का नगर आगमन पर जोरदार स्वागत हुआ।

शिवपाल सिंह ने कहा कि देश और प्रदेश सरकार की गलत नीतियों की वजह से जनता दुखी है। यही वजह है कि वे प्रदेश में जहां भी जा रहे हैं, अपार जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वे पूरे प्रदेश के दौरे पर हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार और लूटमार हो रही है। फसलों का मूल्य गिरा है, जिससे किसान परेशान हैं। यही सब कारण हैं, जिनकी वजह से 2019 में सरकार में निश्चित रूप से परिवर्तन होकर रहेगा और कोई भी सरकार उनके बगैर नहीं बनेगी। जबकि, 2022 में प्रदेश में उनकी पार्टी सरकार बनाएगी।
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सपा को तोड़ने वालों ने किया भाजपा को मजबूत

शिवपाल ने कहा कि मुलायम सिंह के साथ 48 साल मेहनत कर समाजवादी पार्टी खड़ी की थी। सपा में जितना योगदान मुलायम सिंह का है, उतना ही उनका भी है। अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने में भी उनका योगदान था। अखिलेश की ओर इशारा करते हुए शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सपा को तोड़ने वालों ने भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने का काम किया है। 

उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन के लिए भी दरवाजे खुले हैं। जबकि, मैनपुरी सीट मुलायम सिंह के लिए छोड़ी जाएगी। नई पार्टी का गठन भी उन्होंने मुलायम सिंह की सहमति के बाद किया है। इस दिशा में कदम उठाने से पहले एक बार नहीं, बल्कि तीन बार मुलायम सिंह से पूछा था।

इससे पूर्व इलाइट चौराहे पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के जिलाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव ने उनका स्वागत किया। इस दौरान दीपमाला कुशवाहा, दीपेंद्र यादव, भगवान सिंह, सत्येंद्र यादव, अमित नैनवानी, स्वदेश यादव, शिवपाल सिंह फैंस एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष चौबे, महामंत्री दीपक त्रिपाठी आदि समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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