पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज पर कथित टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बड़ा टकराव हुआ। भाजपा के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस भवन के पास दोनों पक्षों में पथराव हो गया। घटना में पार्टी कार्यकर्ता, पुलिसकर्मी और पत्रकार घायल हुए हैं। पुलिस ने दोनों तरफ से शिकायत लेकर एफआईआर प्रक्रिया शुरू की है।
पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए एक बयान के बाद सियासी विवाद सड़क पर टकराव में बदल गया। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की टिप्पणी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिसके दौरान कांग्रेस भवन के पास दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच पथराव हो गया। इस झड़प में कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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मामला तब बढ़ा जब भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना कर उनका अपमान किया है। इसी के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता पुणे में कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। भाजपा का कहना है कि प्रदर्शन की सूचना पहले ही पुलिस को दे दी गई थी। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ता भी भवन के भीतर मौजूद थे। नारेबाजी के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हालात बिगड़ गए।
क्या है भाजपा का आरोप?
पुणे भाजपा शहर अध्यक्ष धीरज घाटे ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। उनका कहना है कि कांग्रेस भवन के अंदर से पथराव शुरू हुआ और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ गाली-गलौज की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब पहले से तैयार योजना के तहत किया गया। भाजपा ने हर्षवर्धन सपकाल से इस्तीफे की मांग की है। घाटे ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस का बयान और नुकसान
संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा ने बताया कि भाजपा के आंदोलन के बाद कुछ कार्यकर्ता कांग्रेस भवन के पास पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी नारे लगाए। इसी दौरान दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। इस घटना में तीन कांग्रेस कार्यकर्ता, दो भाजपा कार्यकर्ता, दो महिला पुलिसकर्मी और दो पत्रकार घायल हुए हैं। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों से शिकायत ली जा रही है और एफआईआर दर्ज की जा रही है।
अन्य नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
इस विवाद पर शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी और हर्षवर्धन सपकाल के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की किसी से तुलना नहीं हो सकती। बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पुलिस ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आगे किसी भी तरह की हिंसा रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।