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शिवाजी महाराज पुस्तक विवाद: शिवसेना विधायक की भाषा पर CM फडणवीस सख्त, कहा- अपमानजनक शब्द स्वीकार्य नहीं

Sat, 25 Apr 2026 03:09 PM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

शिवाजी महाराज पर लिखी पुस्तक को लेकर विवाद में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ की भाषा को अस्वीकार्य बताया है।

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देवेंद्र फडणवीस, सीएम, महाराष्ट्र - फोटो : ANI
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विस्तार
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छत्रपति शिवाजी महाराज पर लिखी एक पुस्तक को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। फडणवीस ने कहा कि शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा प्रकाशक के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि शिवाजी महाराज का सम्मान सभी के लिए समान है और इसमें किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।

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क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक संजय गायकवाड़ ने कोल्हापुर के प्रकाशक प्रशांत अंबी को फोन पर कथित तौर पर धमकी दी। मामला उस पुस्तक से जुड़ा है, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज को केवल उनके पहले नाम से संबोधित किया गया था। यह मराठी पुस्तक ‘शिवाजी कोण होता’ (Who Was Shivaji) मूल रूप से दिवंगत CPI नेता गोविंद पानसरे द्वारा लिखी गई थी और 1988 में प्रकाशित हुई थी।

फडणवीस की सख्त टिप्पणी
नासिक में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 40 साल पुरानी किताब को लेकर विवाद खड़ा करना सही नहीं है और ऐसी भाषा का इस्तेमाल भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस मामले में उचित निर्देश देंगे। प्रकाशक ने आरोप लगाया है कि विधायक ने फोन पर न केवल गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी और उनकी जुबान काटने जैसी बातें कही गईं। इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
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विधायक की सफाई और खेद
विवाद बढ़ने के बाद संजय गायकवाड़ ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया था कि शिवाजी महाराज के नाम पर रखे गए सभी संस्थानों के नाम में 'छत्रपति शिवाजी महाराज' जोड़ा जाए। उन्होंने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुस्तक में कुछ जगहों पर शिवाजी महाराज के लिए 'अनुचित शब्द' का प्रयोग किया गया है, जिसे सही तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
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