शिवसेना (यूबीटी) नेता सचिन अहीर ने नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने पर भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता पाने के लिए भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता सचिन अहीर ने बुधवार को महाराष्ट्र की दो नगर परिषदों में कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने के लिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सत्ताधारी पार्टी के दोहरे मापदंडों को दिखाता है और साबित करता है कि वह सत्ता हथियाने के लिए कुछ भी कर सकती है। बता दें कि इस गठबंधन के सामने आने के बाद कांग्रेस ने अपने चुने गए नए पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की है।
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इन दो जगहों पर किया था गठबंधन
पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनावों के बाद सत्ताधारी भाजपा ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' के बैनर तले हाथ मिलाकर चुनाव लड़ा, जिसमें सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया गया। भाजपा ने अकोला जिले की अकोट नगर परिषद में भी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और अन्य पार्टियों के साथ इसी तरह का गठबंधन किया था। शिवसेना (यूबीटी) एमएलसी सचिन अहीर ने दावा किया, यह भाजपा के दोहरे मापदंडों को दिखाता है। उनकी मानसिकता सत्ता हथियाने के लिए कुछ भी करने की है।
राउत ने भाजपा को बताया 'दो मुंह वाला केचुआ'
वहीं संजय राउत ने भाजपा को दो मुंह वाला केचुआ बताया है। राउत ने दावा किया कि भाजपा ने 15 जनवरी को होने वाले मीरा-भायंदर नगर निगम चुनावों में ओवैसी का समर्थन किया है। उन्होंने आगे दावा किया कि अकोट से लेकर अंबरनाथ तक ओवैसी और कांग्रेस को भाजपा का छिपा हुआ समर्थन और कुछ मामलों में खुला समर्थन मिल रहा है। यह महाराष्ट्र में एक नया पैटर्न है।
फडणवीस ने कार्रवाई की दी चेतावनी
इससे पहले फडणवीस ने आज कहा था कि मैं यह बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं कि कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ कोई भी गठबंधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर किसी स्थानीय नेता ने अपने आप ऐसा कोई फैसला लिया है, तो यह अनुशासन के लिहाज से गलत है और कार्रवाई की जाएगी।
60 सदस्यीय अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने चुनाव के बाद कांग्रेस और एनसीपी के साथ समझौता किया था, जिससे वह 31 सीटें जीतने में सफल रही थी, जबकि शिवसेना 27 सदस्यों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। ऐसे ही अकोट में भाजपा ने एआईएमआईएम के साथ 'अकोट विकास मंच' बनाया, इसके अलावा उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी), शिंदे की शिवसेना, अजीत पवार की एनसीपी, शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी और बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी से समर्थन मिला। गठबंधन की आलोचना होने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि ऐसे गठबंधन मंजूर नहीं हैं और उन्हें खत्म किया जाएगा।