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Maharashtra: रिक्शा चालक के सरेआम पिटाई के मामले ने पकड़ा तूल, शिवसेना (UBT) और मनसे के 20 कार्यकर्ताओं पर FIR

Mon, 14 Jul 2025 06:02 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

बीते दिनों महाराष्ट्र के विरार में मराठी भाषा के अपमान के आरोप में ऑटो रिक्शा चालक के पिटाई का मामला दिन-प्रतिदिन तूल पकड़ता जा रहा है। जहां अब पुलिस ने शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के 20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि इनमें 13 लोगों की पहचान हो चुकी है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र में भाषा और क्षेत्रीय अस्मिता के नाम पर हो रही हिंसा की खबरें लगातार बढ़ती ही जा रही है। इसी बीच ऐसे ही एक मामले ने तूल तब पकड़ ली, जब बीते 12 जुलाई को विरार रेलवे स्टेशन के पास एक ऑटो रिक्शा चालक की सरेआम पिटाई का मामला सामने आया। दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस चालक ने मराठी भाषा और मराठी लोगों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी और मराठी बोलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद ऑटो रिक्शा चालक की शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं ने पिटाई कर दी थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर खुब वायरल हुआ, जिसके बाद सोमवार को पुलिस ने (शिवसेना) उद्धव गुट और मनसे के पदाधिकारियों समेत 20 लोगों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।

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एफआईआर में कौन-कौन सी धाराएं
बता दें कि मामले में पुलिस ने कुल 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से 13 की पहचान हो चुकी है। इन पर आईपीसी की धारा 189(2) (गैरकानूनी जमावड़ा), 190 (साझा उद्देश्य से अपराध), 191(2) (दंगा करना), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना ऐसे समय पर हुई जब मीरा-भायंदर-वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस कमिश्नर की ओर से धारा 144 (जमावड़े पर रोक) लागू थी। फिलहाल पुलिस आरोपी लोगों की भूमिका की पुष्टि कर रही है और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस ने लोगों से की अपील
वहीं मामले में पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कानून को अपने हाथ में न लें और ऐसे मामलों में कानूनन प्रक्रिया के तहत शिकायत करें। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रहे भ्रामक वीडियो और पोस्ट से बचने की सलाह दी गई है।

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वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
गौरतलब है कि बीते कई महीनों में महाराष्ट्र से कई ऐसी वीडियो सामने आई, जिसमें देखा गया कि मराठी भाषा ना बोलने को लेकर लोगों के साथ मारपीट की गई। ऐसे में बीते 12 जुलाई को भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें देखा गया कि कुछ लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ऑटो चालक राजू पटवा को सड़क पर थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं। यह घटना विरार रेलवे स्टेशन के पास के व्यस्त इलाके मार्जेटिया नाका पर हुई। राजू से जबरन माफी मंगवाई गई। 

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मामले में स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ऑटो चालक ने मराठी भाषा, महाराष्ट्र और मराठी महापुरुषों को लेकर अपमानजनक बातें कही थीं। इस बयान का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा फैल गया और शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए।

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