कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों से निपटने के केंद्र सरकार के तौर-तरीकों पर सोमवार को शिवसेना तीखा हमला बोला। शिवसेना ने कहा कि शीतलहरी के बीच उन पर पानी की बौछारें मारना क्रूरता है।
शिवसेना ने कहा- शीतलहरी में किसानों पर पानी की बौछारें मारना क्रूरता
शिवसेना ने अपने मुखपत्र में कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर हमारे किसानों के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है और उनपर हमला किया जा रहा है जबकि आतंकवादी हमारे जवानों को कश्मीर में सीमाओं पर मार रहे हैं। शिवसेना ने किसान आंदोलन के खालिस्तान से जुड़े होने का दावा करने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा अराजकता पैदा करना चाहती है।
खालिस्तान एक बंद अध्याय है, जिसके लिए इंदिरा गांधी और जनरल अरुणकुमार वैद्य ने अपने प्राण न्यौछावर किए। सरकार राजनीतिक विरोधियों को कुचलने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है, लेकिन देश के दुश्मनों से निपटने के लिए उसकी यह दृढ़ता क्यों नहीं दिखती।
ईडी और सीबीआई का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है केंद्र सरकार
शिवसेना ने कहा कि केन्द्र प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ एक हथियार के रूप में कर रही है।
सत्ताधीशों को लगता है कि विरोधियों को दबाने का तरीका इन एजेंसियों के पास है। इसलिए ईडी और सीबीआई के कर्मियों को दुश्मनों के खिलाफ सेना की मदद के लिए लद्दाख और कश्मीर में तैनात किया जाना चाहिए। उन्हें अपनी वीरता दिखाने का मौका भी मिलना चाहिए।