17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सरगर्मियां बढ़ती जा रही है। सभी पार्टियां अपने उम्मीदवारों पर जोर दे रही हैं, इस बीच शिवसेना ने नया दाव खेलने की कोशिश की है। शिवसेना का कहना है कि अगर आरएसआएस प्रमुख मोहन भागवत देश के राष्ट्रपति नहीं बनते हैं तो एस एस स्वामीनाथन को इस पद पर लाया जाए।
Mohan Bhagwat is our first choice for President, if someone has objection to him, then we propose name of MS Swaminathan: Uddhav Thackeray pic.twitter.com/DEI1HwMefT— ANI (@ANI_news) June 16, 2017
दरअसल, इसको लेकर सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है। शिवसेना के बयान से ठीक पहले राष्ट्रपति चुनाव के लिए बीजेपी की ओर से बनाई गई कमेटी के सदस्य वेंकैया नायडू और राजनाथ सिंह ने सोनिया गांधी से मुलाकात की।
सोनिया गांधी के घर 10 जनपथ पर बैठक के ठीक बाद कांग्रेस की ओर से बड़ा बयान दिया गया है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद का कहना है कि बीजेपी उनके पास राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पूछने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र राष्ट्रपति के चुनाव के लिए आम सहमति के पक्ष में है और इसके लिए उसने दाव चलते की कोशिश की है।