लॉकडाउन के दौरान मुंबई में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए अभिनेता सोनू सूद की देशभर में तारीफ हो रही हैं। वहीं, शिवसेना ने अभिनेता के इस कदम को राजनीति से प्रेरित बताया है।
शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि सोनू सूद बेहतरीन अभिनेता हैं। फिल्मों के लिए एक अलग निर्देशक होता है। उन्होंने जो काम किया है वह अच्छा है लेकिन इस बात की संभावना है कि उनके पीछे एक राजनीतिक निर्देशक हो।
इससे पहले भी, संजय राउत ने सोनू सूद पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह बहुत चालाकी से 'महात्मा' सूद बनने की ओर हैं। रविवार को शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में संजय राउत ने पूछा कि 'आखिर जब लॉकडाउन में लोगों को कहीं आने-जाने की अनुमति नहीं है तो बिना किसी राजनीतिक दल की मदद के उन्हें बसें कैसे मिल जा रही हैं?'
राउत लिखते हैं कि लॉकडाउन में अचानक एक नया 'महात्मा' सूद आया है। राउत ने आगे लिखा कि 'जब राज्य सरकारें किसी प्रवासी मजदूर को कहीं जाने की अनुमति नहीं दे रही हैं तो वो कहां जा रहे हैं?' सोनू सूद पर हमला करते हुए राउत ने यहां तक कहा कि बहुत जल्दी ही वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल सकते हैं और मुंबई के सेलिब्रिटी मैनेजर बन सकते हैं।
संजय राउत यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि 'सोनू सूद एक अभिनेता हैं, वो पैसे के लिए कुछ भी कर सकते हैं। अभिनय करना ही उनका पेशा है।'
बता दें कि हाल ही में सोनू सूद ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की थी। इस दौरान राज्यपाल ने सोनू सूद द्वारा प्रवासी मजदूरों को उनके घर सुरक्षित पहुंचाने के लिए उनकी तारीफ की। साथ ही राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अभिनेता को मदद देने के लिए हर तरह का सहयोग देने की बात भी कही। राज्यपाल इससे पहले भी सोनू सूद के काम की तारीफ कर चुके हैं।