चुनाव आयोग (EC) ने एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दे दी है। इसके साथ ही शिंदे गुट को पार्टी का चुनाव चिह्न 'तीर-धनुष' आवंटित कर दिया गया है। निर्वाचन आयोग ने कहा कि शिवसेना का 2018 में संशोधित किया गया संविधान ईसी के रिकॉर्ड में नहीं है। यह महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए बड़ी झटका है। उनके पिता दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की बनाई पार्टी अब शिंदे गुट की हो गई है। आखिर बात यहां तक पहुंची कैसे? कैसे इस विवाद की शुरुआत हुई? आइए सिलसिलेवार तरीके से समझने की कोशिश करते हैं...