शिवसेना ने गुजरात चुनाव में लड़ाई के लिए सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सराहना की। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए कहा है कि अमेठी से सांसद 47 वर्षीय राहुल गांधी ने बेहद नाजुक मोड़ पर सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की बागडोर संभाली है।
मराठी दैनिक ने अपने संपादकीय में लिखा है कि राहुल गांधी को शुभकामना देने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अब राहुल गांधी को फैसला करने देना चाहिए कि वह कांग्रेस को सफलता के शिखर पर ले जाना चाहते हैं या रसातल में। शिवसेना ने कहा कि जब हार की डर से (भाजपा के) बड़े धुरंधरों के चेहरे स्याह पड़ गए थे तब राहुल नतीजों की परवाह किए बिना ही चुनावी समर में ताल ठोंक रहे थे। यही आत्मविश्वास राहुल को आगे ले जाएगा।
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नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए शिवसेना ने कहा है कि जो यह सोचते हैं कि बीते 60 वर्षों में कुछ नहीं हुआ और भारत ने केवल इन्हीं तीन वर्षों में तरक्की की है, सवाल उठता है कि वे इंसान हैं या मूर्खता के प्रतीक।