शिवसेना-एनसीपी की महाराष्ट्र में सरकार अन्य राज्यों में भाजपा का टेंशन बढ़ाएगी। लोजपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने पार्टी का बोझ पुत्र चिराग के कंधे पर डाल दिया है। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले चिराग ने भाजपा से अंगुली टेढ़ी करके काफी कुछ लिया था। सूत्र बताते हैं कि महाराष्ट्र की सत्ता दौड़ में पिछड़ने के बाद चिराग फिर खुश हैं।
कुछ यही स्थिति दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी है। पश्चिम बंगाल भाजपा के एक उपाध्यक्ष का मानना है कि शिवसेना के बिछड़ने और महाराष्ट्र में सरकार न बनने का राजनीतिक नुकसान होगा। बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी जद(यू) को भी इसी तरह के अवसर का इंतजार है। जद(यू) के कोटे से बिहार सरकार में मंत्री का कहना है कि पटना में बाढ़ के बाद से ही भाजपा दबाव बनाकर चल रही है। लेकिन महाराष्ट्र में चुनाव बाद की स्थितियों से भाजपा के तेवर ढीले पड़ने के आसार हैं।
वैसे भी बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना अपरहैंड बनाए रखना चाहते हैं। भाजपा के नेता भी दबी जुबान से मान रहे हैं शिवसेना के एनडीए छोड़ने का कुछ तो नुकसान होगा। कांग्रेस के नेता आरपीएन सिंह और वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय का मानना है कि महाराष्ट्र में एनसीपी-शिवसेना की सरकार बनने का असर विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा। इससे विपक्ष के नेताओं, कार्यकर्ताओं के उत्साह को बल मिलेगा।