शिवसेना सांसद विनायक राउत ने सांसद मोहन केलकर की आत्महत्या का मामला उठाते हुए केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, केलकर ने पिटिशन कमेटी के सामने उपराज्यपाल की ओर से प्रताड़ित करने की बात कही थी।
आत्महत्या से पहले लिखे पत्र में भी उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यह बताता है कि चुने हुए प्रतिनिधि और चुनी हुई सरकार पर नौकरशाह को तवज्जो देने के कितने गंभीर परिणाम सामने आते हैं।
कांग्रेस के जसबीर सिंह ने कहा, यह बिल बताता है कि एक व्यक्ति के अहंकार की रक्षा के लिए यह सरकार कहां तक जा सकती है। एक व्यक्ति जिसने चुनाव का पर्चा नहीं भरा, चुनाव नहीं लड़ा, उसका विधानसभा के प्रति उत्तरदायित्व नहीं है। ऐसे व्यक्ति के हाथ में पूरे राज्य की बागडोर सौंपना कहां तक उचित है।
आसन ने साधा विपक्ष का निशाना
चर्चा के दौरान आसन पर बैठी सांसद रमा देवी ने कई बार विपक्ष पर निशाना साधा। लेखी जब अपनी बात रख रही थीं तब अपनी बात रख चुके मनीष तिवारी दूसरे की सीट पर बैठ गए। आसन को लगा कि तिवारी सदन में नहीं हैं। उन्होंने इस संबंध में अपनी नाराजगी जताई।
हालांकि जब तिवारी ने खुद के उपस्थित होने की बात कही तो उन्होंने पूछा कि आप खंभे के पीछे क्यों बैठे हो। इसी क्रम में आसन ने लेखी के पक्ष रखने की तारीफ की और कहा कि जो सच बोलेगा मैं उसके पक्ष में रहूंगी। विपक्ष के शोर शराबे के बीच आसन ने नाराजगी भरे स्वर में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान हुए दिल्ली दंगे की याद दिलाई।