शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने किसान आंदोलन पर चर्चा से बचने के लिए संसद का शीतकालीन सत्र रद्द करने का फैसला किया।
राउत ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने साप्ताहिक लेख ‘रोकटोक’ में सेंट्रल विस्टा परियोजना पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत पर सवाल उठाते हुए कहा, नए संसद भवन की जरूरत ही क्या है, जब पीएम मोदी चर्चा कराने और सत्र बुलाने के इच्छुक ही नहीं हैं।
राउत ने लिखा, केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान कानूनों को निरस्त करने की मांग पर अड़े हैं। संसद का शीतकालीन सत्र सिर्फ इसलिए रद्द किया गया ताकि दिल्ली के पास चल रहे किसान आंदोलन पर कोई चर्चा न हो।
पीएम मोदी ने 10 दिसंबर को नए संसद भवन की आधारशिला रखी थी और इसे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मील का पत्थर करार दिया। राउत ने कहा, मौजूदा संसद भवन ठीक है और अगले 50 से 75 साल तक अच्छी तरह से काम चल सकता है।