कोरोना पीड़ितों व मृतकों की तस्वीरें देख पत्थर दिल भी पिघल सकता है। ऐसी मुश्किल घड़ी में देश के तमाम लोग व संगठन मरीजों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के कलमनूरी विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना के विधायक संतोष बांगर ने तो मिसाल पेश की है। उन्होंने जरूरतमंदों को रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलवाने के लिए अपनी 90 लाख रुपये की तोड़ दी।
चुनाव के वक्त घोषित की थी 92 लाख की संपत्ति
2019 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के वक्त बांगर ने अपने नामांकन के साथ दायर हलफनामे में 92 लाख रुपये की संपत्ति बताई थी। इसमें 90 लाख की एफडी शामिल थी। एफडी तोड़ने के बाद मिली राशि उन्होंने एक वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूटर को दे दी है। वह जल्द ही स्थानीय लोगों को रेमडेसिविर इंजेक्शन सुलभ कराएगा।
सत्तारूढ़ दल के विधायक ने क्यों किया ऐसा?
बता दें कि राज्य में शिवसेना के नेतृत्व में महाअघाड़ी सरकार सत्तारूढ़ है। उसके बाद भी उसके ही विधायक को एफडी तोड़कर इलाज कराने की जरूरत क्यों पड़ी? यह सवाल स्वाभाविक है। इसका जवाब देते हुए बांगर ने कहा कि शुरुआत में उन्होंने 400 रुपये की दर से लगभग 500 इंजेक्शन जरूरतमंदों को मुहैया करवाए, लेकिन मांग बढ़ने पर ये इंजेक्शन खत्म होने लगे। कंपनी ने 10 हजार इंजेक्शन के लिए 1 करोड़ 40 लाख रुपये एडवांस में मांगे थे। यदि सरकारी प्रक्रिया से इंजेक्शन मंगवाते तो काफी वक्त लग जाता। इसलिए उन्होंने अपनी एफडी तोड़कर पैसा दे दिया।
एक डेकोरेटर ने पत्नी के गहने बेच आठ सिलिंडर जरूरतमंदों में बांटे
इसी तरह की एक अन्य प्रेरणादायी कहानी मुंबई के एक डेकोरेटर की है। मालवणी इलाके में डेकोरेशन का काम करने वाले पास्कल सलदान्हा ने मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अपनी पत्नी रोजी के गहने बेच दिए। यह बात और हैरान करने वाली है कि उनकी पत्नी रोजी खुद किडनी व ब्रेन हेमरेज के कारण पांच साल से बिस्तर पर है। गहने बेचने से जो रुपये आए उनसे उन्होंने आठ सिलिंडर खरीदकर जरूरतमंदों में बांट दिए।