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शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, अयोध्या जाने के लिए किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं

Mon, 20 Jul 2020 04:17 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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संजय राउत, शिवसेना सांसद - फोटो : ANI
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा मंदिर के भूमि पूजन को लेकर पांच अगस्त की तारीख तय हो गई है और इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता दिया गया है।

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उधर इसे लेकर एक बार फिर से राजनीति भी गरमाने लगी है। महाराष्ट्र में शिवसेना के सांसद संजय राउत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे हमेशा अयोध्या जाते हैं और पार्टी तथा उत्तर प्रदेश की नगरी के बीच संबंध 'अटूट’ हैं।

राउत ने ये टिप्पणियां उस वक्त कीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ठाकरे पांच अगस्त को अयोध्या का दौरा करेंगे, जब भव्य राम मंदिर के निर्माण के आरंभ के लिए भूमि पूजन समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी वहां जाने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'उद्धव ठाकरे हमेशा अयोध्या जाते हैं। वह तब भी अयोध्या गए थे जब वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नहीं थे, वह मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वहां गए थे।'
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राज्यसभा सदस्य ने कहा, 'शिवसेना और अयोध्या के संबंध अटूट हैं। यह राजनीतिक संबंध नहीं है। हम राजनीति के लिए अयोध्या नहीं जाते हैं और न ही पूर्व में राजनीति के लिए कभी वहां गए हैं।' उन्होंने कहा, 'कुछ हद तक, शिवसेना ने ही राम मंदिर का रास्ता बनाया। शिवसेना ने भगवान राम जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण की प्रमुख बाधाओं को दूर किया। वह राजनीति के लिए नहीं था। बल्कि शिवसैनिकों ने आस्था एवं हिंदुत्व के लिए बलिदान दिया। और हमारा रिश्ता अटूट है।'

राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट) के आमंत्रण पर अयोध्या का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि समारोह के लिए कितने लोगों को आमंत्रित किया जाएगा और सामाजिक दूरी संबंधी क्या कदम उठाए जाएंगे। राउत ने कहा, 'यह देखना होगा कि वे क्या ‘राजनीतिक सामाजिक दूरी’ अपनाएंगे।'

इससे पहले राकांपा प्रमुख शरद पवार ने रविवार को कहा था कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर का निर्माण करने से कोविड-19 वैश्विक महामारी समाप्त हो जाएगी। पवार की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, 'कोरोना वायरस के खिलाफ जंग सफेद पोशाक वाले हमारे डॉक्टर लड़ रहे हैं, जिन्हें हम देवदूत कहते हैं, मैं बस इतना ही कह सकता हूं।' हालांकि, उन्होंने बहुत जल्द यह भी जोड़ दिया कि धर्म एवं ईश्वर में पार्टी का भरोसा अटूट है।

ठाकरे ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी भी यह स्वीकार करेंगे कि कोविड19 के खिलाफ जंग लड़ते हुए लाखों डॉक्टर, पुलिस, नर्स और वार्ड ब्वॉय ने बलिदान दिया है।

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