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चीनी कंपनियों को लेकर भ्रम में है शिवसेना, चीन के साथ हुए निवेश करार नहीं रद्द करेगी महाराष्ट्र सरकार

Mon, 22 Jun 2020 10:13 PM IST
Rajeev Rai सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
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शिवसेना ने साधा मोदी पर निशाना - फोटो : getty
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लद्दाख के गलवां घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में 20 सैनिकों की शहादत के बाद शिवसेना काफी मुखर है। शिवसेना चीन को करारा जवाब देने की बात करती है लेकिन चीन से औद्योगिक निवेश करार को लेकर भ्रम की स्थिति में है। वहीं, महाराष्ट्र उद्योग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि चीन के साथ करार रद्द करने की कोई योजना नहीं है।

सोमवार को महाराष्ट्र के उद्योगमंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि चीन के साथ हुए करार की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। चीन की तीनों कंपनियों के साथ हुए करार पर अग्रिम कार्यवाही प्रतीक्षाधीन है। देसाई ने साफ किया कि इस संबंध में केंद्र सरकार के निर्णय का पालन किया जाएगा। मतलब साफ है कि शिवसेना इस मामले में भ्रम की स्थिति में हैं। राज्य सरकार खुद से कोई निर्णय नहीं लेना चाहती।

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बीते 15 जून को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में मैग्नेटिक महाराष्ट्र कैंपेन में कुल 16000 करोड़ रुपए का करार हुआ था। इस करार में चीन की तीन कंपनियां भी शामिल हैं जो राज्य में करीब 5020 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी। अब चीन के साथ बिगड़ते हालात को देखते हुए न सिर्फ मौजूदा निवेश करार बल्कि पुराने करार को भी रद्द करने की मांग की जा रही है।

ठाकरे सरकार में शामिल कांग्रेस के बरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया है कि लद्दाख में 20 जवानों की शहादत के मद्देनजर चीन की मोटर निर्माता कंपनी ग्रेट वॉट मोटर्स के साथ दूसरे करार भी रद्द करें। दूसरी ओर, एनसीपी के नेता व आवास निर्माण मंत्री जितेन्द्र आव्हाड ने भी चीनी कंपनियों के खिलाफ रूख अपनाया है। लेकिन जब महाराष्ट्र में चीनी कंपनियों के साथ हुए निवेश करार पर उंगली उठाई जाने लगी है तो शिवसेना ने गेंद केंद्र सरकार के पाले में डाल दिया है।

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तोड़ दो सभी करार, कैट ने भी लिखा उद्धव को पत्र
इधर, देश में व्यापारियों के संगठन कान्फेडेरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भी मांग की है कि देशवासियों के रोष को देखते हुए हाल ही में चीन के साथ हुए निवेश करार को रद्द किया जाए। कैट ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस संबंध में पत्र लिखा है। कैट के मुंबई इकाई के अध्यक्ष शंकर वी. ठक्कर ने कहा कि सीमा पर सैनिकों की शहादत के बाद देश एकजुट हुआ है। ऐसे में चीन के साथ व्यापार या करार करना सही नहीं है।

बीते सप्ताह चीन की इन तीन कंपनियों के साथ हुआ है करार

कंपनी                          निवेश             स्थान
ग्रेट वॉल मोटर्स 3770 करोड़ तलेगांव, पुणे
पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी सोल्युशन विथ फोटोन 1000 करोड़     तलेगांव पुणे।
हेंगली (चीन) इंजीनियरिंग कंपनी 250 करोड़  तलेगांव पुणे
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