महाराष्ट्र में 2022 के राजनीतिक संकट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के एक दिन बाद, शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को राज्य में 11 महीने पुरानी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार को "असंवैधानिक" करार दिया और दावा किया कि यह अगले तीन महीनों में गिर जाएगी।
राउत बोले- सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर सवाल उठाया
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को अपने फैसले में महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं और राजनीतिक संकट के दौरान तत्कालीन राज्यपाल बीएस कोश्यारी और विधानसभा अध्यक्ष के आचरण में खामियां पाईं। उन्होंने कहा, "यह सरकार पूरी तरह से अवैध और असंवैधानिक है। उच्चतम न्यायालय की तीन टिप्पणियां हैं। सचेतक भरत गोगावले (शिंदे गुट द्वारा नियुक्त और अध्यक्ष द्वारा मान्यता प्राप्त) अवैध है। अवैध व्हिप की ओर से दिए गए आदेश अवैध हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि हमारे व्हिप सुनील प्रभु कानूनी सचेतक थे।"
राउत ने महाराष्ट्र के नासिक में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया
उन्होंने कहा, "तत्कालीन राज्यपाल द्वारा लिए गए हर फैसले, जिसमें फ्लोर टेस्ट का निर्देश भी शामिल है, को सुप्रीम कोर्ट ने गलत माना है। एकनाथ शिंदे के समूह नेता के रूप में चुने जाने (शिवसेना में बगावत के बाद) को भी कोर्ट ने अवैध करार दिया है। अदालत ने यह भी कहा है कि कोई भी (शिवसेना) समूह यह दावा नहीं कर सकता कि वह मूल राजनीतिक दल है।" शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के करीबी राज्यसभा सदस्य राउत उत्तर महाराष्ट्र के नासिक में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।