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Kerala: बॉयफ्रेंड की हत्या के आरोप में गर्लफ्रेंड को मौत की सजा, सबूत नष्ट करने के लिए चाचा को तीन साल की जेल

Mon, 20 Jan 2025 03:42 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

ग्रीष्मा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) समेत अन्य धाराओं के तहत और उसके चाचा को आईपीसी की धारा 201 के तहत दोषी ठहराया गया है। मृतक की पहचान शेरोन राज के तौर पर की गई है।
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Sheron Raj murder case - फोटो : ANI
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विस्तार
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केरल की एक अदालत ने 2022 में अपने बॉयफ्रेंड की हत्या के आरोप में मुख्य आरोपी (गर्लफ्रेंड) को मौत की सजा सुनाई। आरोपी की पहचान ग्रीष्मा के तौर पर की गई है। नेय्याट्टिनकारा अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय ने इस मामले के तीसरे आरोपी निर्मलकुमारन नायर (लड़की के चाचा) को तीन साल की सजा सुनाई। उसे सबूतों को नष्ट करने का दोषी पाया गया था। इस मामले की दूसरी आरोपी ग्रीष्मा की मां को सबूतों की कमी के आधार पर बरी कर दिया गया है। मुख्य आरोपी ग्रीष्मा ने शैक्षणिक उपलब्धियों, आपराधिक इतिहास न होने के कारण सजा में नरमी की मांग की थी। अपने 586 पन्नों के फैसले में अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता से ज्यादा दोषी की उम्र पर विचार करने की जरूरत नहीं है।
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आयुर्वेदिक टॉनिक के साथ दिया था जहर
ग्रीष्मा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) समेत अन्य धाराओं के तहत और उसके चाचा को आईपीसी की धारा 201 के तहत दोषी ठहराया गया है। मृतक की पहचान शेरोन राज के तौर पर की गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ित को उसकी गर्लफ्रेंड ग्रीष्मा ने 14 अक्तूबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी के रामवर्मनचिराई स्थित उसके घर में जड़ी-बूटी नाशक आयुर्वेदिक टॉनिक के साथ जहर दे दिया। 23 वर्षीय राज की 11 दिन बाद 25 अक्तूबर को इस जहर के सेवन के बाद अस्पताल में कई अंगों की विफलता से मौत हो गई।  

ग्रीष्मा ने हत्या की साजिश तब रची जब उसकी एक सैन्यकर्मी से शादी तय हो गई थी, लेकिन राज उससे रिश्ते खत्म करने से इनकार कर दिया था। आरोपी ने पहले भी जूस में  पैरासेटामॉल टैबलेट में जहर मिलाकर राज को मारने की कोशिश की थी, लेकिन, राज ने कड़वे स्वाद के कारण जूस पीने से इनकार कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने अपराध को साबित करने के लिए डिजिटल और वैज्ञानिक सबूतों पर भरोसा किया। 
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