8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 के पुराने नोट पर बैन लगाने के बाद जहां लोग इन नोटों को बदलवाने के लिए बैंकों के सामने लंबी-लंबी लाइनों में लगे हुए हैं, वहीं, कोलकाता के बुर्राबाजर की चक्करदार गलियों में ये नोट बट्टे पर चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि 500 के नोट जहां 550 रुपए में लाए जा रहे हैं, वहीं 1000 रुपए के नोट 1050 रुपए के मिल रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी टीम ने एक ऐसे शख्स को स्पॉट किया जो कि नई करेंसी के नोट लेकर एक व्यापारिक केंद्र इलाके में बैठा हुआ था। एक महीने पहले वह 1000 के पुराने नोट के बदले 800 रुपए और 850 रुपए के सामान को बेच रहा था। लेकिन, अचानक ही वह रिवर्स में आ गया और इसने नए तरीके से अपना बिजनेस शुरू कर दिया।
नोटबंदी ने आम आदमी को भले ही स्टंप कर दिया हो, लेकिन इसके तुरंत बाद कंपनियों ने सेल के तौर इसे चालू कर दिया है, जिन्हें अपनी बैलेंस सीट को मैनज करने के लिए कैश की जरूरत है। एकाउंटेंसी बिरादरी 31 दिसंबर से पहले कंपनियों के पेपर ट्रांजेक्शन के लिए इस तरह के कदम उठा रही हैं।
साधारण शब्दों में इसे ऐसे देख सकते हैं। कुछ व्यापारी अपने बड़े प्रॉजेक्ट के नाम पर बताते हैं कि उनके पास इतना 'कैश इन हैंड' है। उनके पास हाथ में भले ही कम कैश होता है, लेकिन बाद के कानूनी झमलों से बचने के लिए वे जानबूझकर ज्यादा रकम हाथ में दिखाते हैं।