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हसीना के प्रत्यर्पण का मामला: रणधीर जायसवाल बोले- कानूनी प्रक्रिया जारी; नई सरकार के साथ रिश्तों पर रहेगा जोर

Fri, 17 Apr 2026 04:07 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, नई दिल्ली

सार

भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत अपने पड़ोसी देशों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, फिर चाहे वो श्रीलंका हो या मॉरीशस। वहीं, बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण और भगोड़े नीरव मोदी के मुद्दे पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। साथ ही, पश्चिम एशिया में शांति की बहाली का भारत ने स्वागत किया है।
 
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रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत सरकार ने कई अहम कूटनीतिक और कानूनी मुद्दों पर अपना रुख साफ कर दिया है। बांग्लादेश के साथ बदल रहे रिश्तों से लेकर भगोड़ों को वापस लाने की जद्दोजहद तक, आज कई बड़ी खबरें निकलकर सामने आईं। बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर उठ रहे सवालों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'शेख हसीना के प्रत्यर्पण के संबंध में एक अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसकी हमारी न्यायिक और आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जांच की जा रही है। भारत बांग्लादेश के साथ संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। जल्द ही दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आधिकारिक चर्चा होने की भी उम्मीद है।'
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संकट में पड़ोसियों के साथ खड़ा है भारत
भारत 'नेबरहुड फर्स्ट' की नीति पर चलते हुए अपने पड़ोसियों के लिए संकटमोचक बनकर उभरा है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत कई देशों को ईंधन की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मार्च मार्च में 22,000 मीट्रिक टन उच्च गति डीजल बांग्लादेश भेजा गया। वहीं, पिछले महीने 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद श्रीलंका पहुंचाए गए। इतना ही नहीं, मॉरीशस के साथ तेल और गैस की आपूर्ति के लिए एक सरकारी समझौते (G2G) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि नेपाल और भूटान को भारतीय तेल निगम (आईओसी) के माध्यम से बिना किसी रुकावट के ईंधन भेजा जा रहा है।

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इस्राइल-लेबनान सीजफायर का भारत ने किया स्वागत
पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों पर भारत ने खुशी जाहिर की है। इस्राइल और लेबनान के बीच हुए संघर्ष विराम पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम सराहनीय है।

वहीं, ब्रिटेन में बैठे भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के मुद्दे पर जायसवाल ने कहा कि हम ब्रिटेन की सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। हालांकि अभी कानूनी प्रक्रियाएं चल रही हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य साफ है कि हर भगोड़े को भारत लाकर कानून के सामने खड़ा करना।
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'आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं'
भारत ने जम्मू-कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया पर पाकिस्तान की बयानबाजी को सख्ती से खारिज करते हुए दो-टूक कहा कि भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, यह पूरी तरह से भारत के आंतरिक मामले हैं। हम घरेलू मामलों में हस्तक्षेप या ऐसी टिप्पणियों के जरिये की जाने वाली घुसपैठ की कोशिश को पूरी तरह खारिज करते हैं। भारत ने इस बयान से अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी संदेश दिया कि परिसीमन सांविधानिक व लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जो पूरी तरह से भारत के अधिकार क्षेत्र में है। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताते हुए परिसीमन पर शोर मचाने की कोशिश की थी।


 
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