जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद ने अपने पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पिता पर मां को पीटने का आरोप लगाया है। वहीं पिता अब्दुल राशिद शोरा ने पलटवार करते हुए बेटी से जान का खतरा बताया है। उन्होंने शेहला के बैंक खातों की जांच कराने की मांग की और बेटी से पूछा है कि तुम 2017 से अचानक क्यों बदल गईं?
मेरे खिलाफ एपफआईआर क्यों नहीं हुई
शोरा ने आगे कहा, 'मुझे घरेलू हिंसा की शिकायत के बाद अदालत के आदेश से घर में रहने के अधिकार को बहाल कर दिया गया। अगर मैं एक हिंसक व्यक्ति हूं, तो निश्चित रूप से मेरे खिलाफ कई एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी? लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।'
वहीं एक चैनल के साथ बातचीत में शेहला के पिता ने कहा, 'शेहला से पूछा जाए अगर वो राष्ट्रीय राजनीति में थीं, तो उनका अचानक कश्मीर की राजनीति में आने का मतलब क्या है। शेहला के लिए कश्मीर की राजनीति में कुछ नहीं है। वह 2017 से अचानक बदल गई है। वह 370 के मसले पर उच्चतम न्यायालय चली गईं।'
बेरोजगार बताया है पर खाते की जांच करा लीजिए
राशिद शोरा ने शेहला के बैंक खातों की जांच करने को कहा। उन्होंने कहा कि शेहला ने मुझ पर जो मामला दर्ज किया है उसमें खुद को बेरोजगार बताया है, लेकिन आज के समय में आप उनके खातों को देख लीजिए। इनकी पार्टी के जो साथी हैं उनमें रशीद इंजीनियर शामिल हैं, जिनका इतिहास खराब रहा है। शेहला की पार्टी का एक व्यक्ति एनआईए की हिरासत में है।
पिता के आरोप पर शेहला की सफाई
पिता के इन आरोपों पर शेहला ने ट्वीट कर सफाई दी है। उन्होंने कहा, 'आप में से कई लोगों ने मेरे पिता का एक वीडियो देखा होगा। जिसमें वो मुझ पर, मेरी बहन और मेरी मां के खिलाफ गंभीर आरोप लगा रहे हैं। कम और सीधे अलफाज में कहूं तो वो अपनी पत्नी को पीटने वाले और गाली देने वाले शख्स हैं। आखिरकार हमने उनके खिलाफ जाने का फैसला किया, उनका ये स्टंट उसी का परिणाम है।'
मां ने मेरी परवरिश की
शेहला ने सफाई देेते हुए आगे कहा, 'मुझ पर कोई मामला दर्ज नहीं है। पिता पर घरेलू हिंसा का मामला दर्ज है। पिता मां को पीटते थे। हमारी परवरिश पिता ने नहीं बल्कि मां ने की है। मेरे पिता लालची किस्म के इंसान हैं।'