चर्चित शीना बोरा हत्याकांड मामले में आरोपी पीटर मुखर्जी की जमानत अर्जी बुधवार को बांबे हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। पीटर मुखर्जी को बीते नवंबर में केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था। निचली अदालत ने पहले ही उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। बुधवार को न्यायमूर्ति एनडब्ल्यू सांब्रे ने सीबीआई व मुखर्जी के वकील की दलीलों को सुनने के बाद उनके आवेदन को खारिज कर दिया।
बांबे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मुखर्जी के वकील आबाद पोंडा ने कहा कि मेरे मुवक्किल को शीना की हत्या के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वे शीना और उसके ब्वायफ्रेंड राहुल के संबंध के खिलाफ नहीं थे। इस हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी व शीना की मां इंद्राणी मुखर्जी ने उन्हें कई बातों को लेकर अंधेरे में रखा था।
इसलिए पीटर मुखर्जी की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है। वहीं, सीबीआई की ओर से अदालत में पेश हुए एडिशनल सालिसिटर जनरल अनिल सिंह ने दावा किया कि पीटर को इस पूरे मामले की जानकारी थी। उन्हें यह भी पता था कि शीना को कहां दफनाया जाना है। वे राहुल व शीना के संबंध के खिलाफ थे।
उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मामले के मुकदमे की सुनवाई शुरू होने वाली है। इसलिए आरोपी (मुखर्जी) को अभी जमानत देना उचित नहीं होगा। सिंह की इन दलीलों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने मुखर्जी के जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।