अपनी याचिका में इंद्राणी ने कहा कि उन्हें यह मालूम है कि एजेंसी पर काम का बोझ है और उसके पास कर्मचारियों की कमी है। जांच के क्रम में वह देश भर में दौड़ रही है, लेकिन इससे अभियुक्तों को त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
बहुचर्चित शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी ने बुधवार को मुंबई में एक विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। यहां उन्होंने मामले की रोजाना सुनवाई की मांग की है। अपने वकील रंजीत सांगले के जरिए दायर की गई अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि मामले की सुनवाई में देरी ने उनके काम करने के अधिकार को प्रभावित किया है।
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उन्होंने कहा कि मुकदमे की सुनवाई में अत्यधिक देरी के कारण उन्हें उनकी राष्ट्रीयता (इंग्लैंड) और निवास के देश में काम करने के मौलिक अधिकार से वंचित कर दिया गया है। इसके अलावा, भारत के बाहर स्वतंत्र रूप से यात्रा करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। याचिका में कहा गया है कि अभियोजन पक्ष मुकदमे की शुरुआत के बाद से वर्तमान मामले में केवल 71 गवाहों की जांच करने में सक्षम रहा है, जो कि उनकी कैद की अवधि के लगभग बराबर है।
अपनी याचिका में उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में जांच के लिए 92 और गवाहों की सूची सौंपी है। अगर अभियोजन एजेंसी इस तरह से काम करती है तो मुकदमे के कछुए की गति से कई और सालों तक चलने की संभावना है।
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अपनी याचिका में इंद्राणी ने कहा कि उन्हें यह मालूम है कि एजेंसी पर काम का बोझ है और उसके पास कर्मचारियों की कमी है। जांच के क्रम में वह देश भर में दौड़ रही है, लेकिन इससे अभियुक्तों को त्वरित सुनवाई के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने इसमें मांग की है कि अभियोजन पक्ष को दिन-प्रतिदिन के आधार पर कार्यवाही करने और 6 महीने के भीतर इसे समाप्त करने का निर्देश दिया जाए। फिलहाल, कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 20 जून की तारीख तय की है।
क्या है मामला?
आरोप है कि इंद्राणी मुखर्जी ने अपने पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्यामवर राय के साथ मिलकर अप्रैल 2012 में अपनी बेटी शीना बोरा की जान ले ली थी और बाद में शव को ठिकाने लगा दिया था। हत्या का खुलासा 2015 में तब हुआ जब राय ने एक अन्य मामले में गिरफ्तारी के बाद हत्या के बारे में खुलासा किया। पूर्व मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी को भी साजिश का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।