सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय समिति के चेयरमैन शशि थरूर ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सीबीआई की छापेमारी के दौरान समिति से संबंधित कार्ति चिदंबरम के अत्यंत गोपनीय दस्तावेजों को जब्त करने का मुद्दा उठाया है और कहा है कि यह समिति के साथ-साथ सदस्य के विशेषाधिकार का भी हनन है।
थरूर ने कहा कि मुझे समिति के संबंधित सदस्य की ओर से सूचना दी गई है कि सीबीआई की छापेमारी के दौरान समिति की चर्चाओं से संबंधित कागज जब्त कर लिए गए जिनमें कुछ बहुत ही गोपनीय नोट थे।
उन्होंने कहा, समिति की चर्चाएं और कार्यवाही तब तक गोपनीय होती हैं जब तक इसकी रिपोर्ट सदन के समक्ष पेश नहीं कर दी जाए।
समिति के चेयरमैन की हैसियत से लिखे 29 मई की तिथि वाले इस पत्र में थरूर ने कहा कि यह समिति और इसके सदस्य के विशेषाधिकार का हनन है।
कार्ति चिदंबरम भी लिख चुके हैं लोकसभा स्पीकर को पत्र
इससे पहले कार्ति चिदंबरम ने भी बीते शुक्रवार को ओम बिड़ला को पत्र लिखकर कहा था कि बतौर सांसद मेरे विशेषाधिकारों का घोर हनन किया गया है। कार्ति ने बिड़ला से इसका तत्काल संज्ञान लेने की अपील की थी।
सीबीआई ने गुरुवार को कार्ति से 2011 में 263 चीनी नागरिकों को वीजा जारी कराने से संबंधित एक कथित घोटाले के संबंध में लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह कथित घोटाला तब का है, जब कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे।
कार्ति ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को फर्जी बताया है और कहा है कि यह सब राजनीतिक बदले की भावना के तहत किया जा रहा है।