यूपीए शासन के दौरान रुपये में होने वाली गिरावट को लेकर तत्कालीन विपक्ष यानी भाजपा और अन्य सहयोगी दलों की ओर से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा जाता था। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के आड़े हाथ लेते हुए उससे शालीनता के साथ पूर्व में की गई आलोचनाओं को वापस लेने की मांग की है।
रुपये में आई ऐतिहासिक गिरावट को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को यूपीए शासन के दौरान रुपये में गिरावट को लेकर की गई अपनी पुरानी आलोचनाओं को वापस लेने की शालीनता दिखानी चाहिए।
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शशि थरूर ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि रुपये में यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय हालातों की वजह से है, जो किसी भी सरकार के नियंत्रण से बाहर होती हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह समझने में मदद मिलती है कि यूपीए सरकार के समय जो स्थिति बनी थी, वह भी इसी तरह के वैश्विक कारणों से प्रभावित थी।
डॉलर के मुकाबले 64 पैसे गिरा रुपया
भारतीय मुद्रा रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 64 पैसे गिरकर 93.53 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है।
कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि हाल के समय में रुपये में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और यह केवल डॉलर ही नहीं, बल्कि यूरो और स्विस फ्रैंक जैसी अन्य मुद्राओं के मुकाबले भी कमजोर हुआ है। उन्होंने इस स्थिति को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि इसमें और गिरावट की आशंका जताई जा रही है।
पश्चिम एशिया संघर्ष का जिक्र कर क्या बोले शशि थरूर?
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है, जिसका प्रभाव भारतीय मुद्रा पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा करने वालों और आयात पर निर्भर लोगों के लिए यह काफी मुश्किल समय है।
थरूर ने दोहराया कि सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए कि यूपीए सरकार के समय रुपये में गिरावट को लेकर की गई आलोचना उचित नहीं थी। उल्लेखनीय है कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने उस समय आर्थिक मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और तत्कालीन प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था।