संसद में गुरुवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर और राहुल गांधी के बीच एक संक्षिप्त लेकिन अहम मुलाकात हुई। इस बैठक के बाद थरूर ने मुस्कुराते हुए कहा, "सब ठीक है।" उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों और असंतोष की खबरों पर फिलहाल विराम लगा दिया है। थरूर ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुई इस बातचीत को "बहुत ही रचनात्मक और सकारात्मक" बताया। उन्होंने साफ किया कि अब वे और पार्टी नेतृत्व एक ही बात पर सहमत हैं।
क्या है मामला?
पिछले कुछ महीनों से शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच तनाव की खबरें आ रही थीं। थरूर ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि उनके कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें वे पार्टी के मंच पर उठाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा था कि वे 17 साल से कांग्रेस में हैं और उन्होंने कभी भी संसद में पार्टी के तय रुख का उल्लंघन नहीं किया है।
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अहम बैठक में नहीं हुए थे शामिल
विवाद की शुरुआत तब हुई जब थरूर पार्टी की एक अहम बैठक में शामिल नहीं हुए थे। हालांकि, उन्होंने बाद में स्पष्ट किया कि वे एक साहित्य उत्सव में गए थे और इसकी जानकारी नेतृत्व को पहले ही दे दी गई थी। इसके अलावा, कोच्चि में पार्टी के एक कार्यक्रम में उनके साथ हुए खराब व्यवहार की खबरों पर भी उन्होंने चुप्पी साधे रखी।
इस बयान के बाद उड़ी थी अफवाहें
पार्टी के भीतर असली बेचैनी तब बढ़ी जब पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकट प्रबंधन की तारीफ की थी। कांग्रेस के कई नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इसके बाद भाजपा ने थरूर को एक अंतरदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इस दल में कांग्रेस का कोई और नेता शामिल नहीं था, जिससे उनके भाजपा में जाने की अफवाहें उड़ने लगीं।
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क्या मतभेद सुलझ गए?
तनाव तब और बढ़ गया जब थरूर ने प्रधानमंत्री के एक भाषण की सोशल मीडिया पर सराहना की और "भारतीय राजनीति एक पारिवारिक व्यवसाय है" शीर्षक से एक लेख लिखा। इस लेख में उन्होंने वंशवादी राजनीति की आलोचना की थी, जिससे कांग्रेस नेतृत्व काफी नाराज हुआ था। हालांकि, थरूर ने हमेशा यही कहा कि उनकी टिप्पणियां किसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से प्रेरित थीं। उन्होंने साफ किया कि प्रधानमंत्री की तारीफ करने का मतलब यह नहीं है कि वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता का संदेश है। अब राहुल गांधी से मुलाकात के बाद माना जा रहा है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेद सुलझ गए हैं।
एसआईआर को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा
कांग्रेस ने आज चुनाव आयोग (ईसीआई) को पत्र लिखा। इस पत्र में उसने आरोप लगाया कि कई राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान फॉर्म 7 का 'दुरुपयोग' कर पात्र मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने इस मामले में जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों को संबोधित करते हुए यह पत्र लिखा गया है। पत्र में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग से कहा कि वह (एसआईआर के) 'दावे और आपत्तियां' चरण के दौरान फॉर्म 7 के 'व्यापक दुरुपयोग' की तुरंत जांच कराए और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, हम इस आयोग का ध्यान एक गंभीर और चिंताजनक मुद्दे की ओर दिलाना चाहते हैं, जिसे मतदाताओं, राजनीतिक दलों और मीडिया ने भी सामने रखा है। यह मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान दावे और आपत्तियों के चरण में पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने से जुड़ा है।
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