कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को पुष्टि की कि विपक्ष ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के सम्मान में लोकसभा में चर्चा में शामिल नहीं होगा। हालांकि थरूर ने ग्रुप कैप्टन शुक्ला की जमकर सराहना की। थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, चूंकि विपक्ष इस विशेष चर्चा में हिस्सा नहीं ले रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के आईएसएस के हालिया मिशन पर सभी भारतीयों को गर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान की महत्वकांक्षाओं के लिए शुक्ला का यह मिशन महत्वपूर्ण है और गगनयान मिशन के लिए एक सही कदम है।
थरूर ने कहा, शुक्ला के इस मिशन से इसरो को ऐसी जानकारी और अनुभव मिले हैं, जो प्रयोगशालाओं में नहीं मिलते। लॉन्चिंग से पहले की प्रक्रियाओं, अंतरिक्षयान प्रणाली और शून्य गुरुत्वाकर्षण (माइक्रोग्रैविटी) में होने वाले मानसिक और शारीरिक प्रभावों पर उनके प्रत्यक्ष अनुभव गगनयान मिशन की तैयारियों को सुरक्षित सटीक बनाने में बेहद अहम हैं। उन्होंने आगे कहा कि आईएसएस पर शुक्ला के रहने से भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को पहली बार अंतरिक्ष से असली माहौल में स्वदेशी प्रणाली और प्रक्रियाओं की जांच करने का अवसर मिला। थरूर ने कहा, अंतरिक्ष में मानव स्वास्थ्य और पौधों की वृद्धि से जुड़े कई वैज्ञानिक प्रयोग किए गए, जिनसे तकनीकी और वैज्ञानिक प्रमाण हासिल हुए हैं। इन निष्कर्षों का सीधा उपयोग उन्नत जीवन-रक्षा और चिकित्सा प्रणाली के विकास में होगा, जो गगनयान मिशने के लिए आवश्यक हैं।
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कांग्रेस सांसद ने मिशन के कूटनीतिक महत्व की भी सराहना की और कहा कि यह सफलता अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ साझेदारी में हासिल हुई है। उन्होंने कहा, शुक्ला की यह ऐतिहासिक यात्रा अंतरिक्ष कूटनीति में भारत की भूमिका को और मजबूत करता है और यह दिखाता है कि भारत बहुपक्षीय अंतरिक्ष प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने में सक्षम है। इससे भविष्य में साधा अनुसंधान और निवेश के रास्ते खुलते हैं।
थरूर ने कहा, शुक्ला की उड़ान भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान की महत्वाकांक्षाओं का एक शक्तिशाली प्रतीक है। इस मिशन ने देश की कल्पनाशक्ति को छू लिया है और एक नई पीढ़ी को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित और अंतरिक्ष के क्षेत्र में करियर चुनने के लिए प्रेरित किया है। यही प्रेरणा भारत की दीर्घकालिक अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को बनाए रखने के लिए जरूरी है। बहुत शानदार काम किया गया है।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर सफल मिशन और भारत की अंतरिक्ष में प्रगति को लेकर लोकसभा में होने वाली चर्चा में हिस्सा लें। रिजिजू ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, हमारे हीरो अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर सफल मिशन के बाद घर लौट आए हैं। संसद इस ऐतिहासिक उपलब्धि और विकसित भारत की दिशा में भारत की अंतरिक्ष महत्वकांक्षाओं पर विशेष चर्चा के जरिए उनका सम्मान करेगी।
उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे इस चर्चा में उसी भावना से शामिल हों, जैसी भावना उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर हुई बहस में दिखाई थी। रिजिजू ने कहा, मुझे उम्मीद है कि सभी सदस्य वैज्ञानिकों की उपलब्धियों का वैसे ही सम्मान करेंगे, जैसे उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में सेना की वीरता का सम्मान किया था। सरकार ने लोकसभा में एक विशेष चर्चा का प्रस्ताव रखा है, जिसका विषय 'अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भारत का पहला अंतरिक्ष यात्री से लेकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में अंतरिक्ष कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका' है। रिजिजू ने कहा, उन्हें उम्मीद है कि सांसद इस चर्चा में हिस्सा लेकर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की कामयाबी की सराहना करेंगे और इसरो की उपब्धियों का जश्न मनाएंगे।