शरद यादव ने केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि क्या दिन देख रहे हैं। बैंक और एटीएम में पैसा नहीं है। लोगों की लंबी लाइन लग रही है। पेट्रोल और डीजल के ऊंचे दामों ने भारी तबाही मचा रखी है। मध्यम वर्ग, किसान सब इससे भारी परेशानी झेल रहे हैं। वहीं भ्रष्टाचार भी बढ़ा है। ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या जैसे कारोबारी देश का पैसा लूटकर सरकार की नाक के नीचे से विदेश भाग जा रहे हैं। देश के उद्योगपति असुरक्षा के माहौल के कारण देश का पैसा लेकर अब विदेशों में भाग रहे हैं।
इतना ही सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर काफी बड़े-बड़े दावे किया थे, लेकिन यह सब हवा-हवाई है। 10-11 लाख करोड़ रुपये तक का एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट), तीन लाख किसानों का जान देना, युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृति, कठुआ और उन्नाव में बलात्कार की घटना तथा उन पर पर्दा डालने के लिए सरकार के मंत्रियों, नेताओं के प्रयास। शरद यादव ने कहा कि आखिर यह सब क्या है?
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सभी विरोधी दलों, समाजवादी विचारों के लोगों और जनता दल परिवार के लोगों को साथ आना चाहिए। सबको मिलकर सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लोकतंत्र बचाने के लिए राजनीतिक लड़ाई लड़नी चाहिए। यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार केवल संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है? यह तानाशाही सरकार है और इसके चलते न्याय पालिका, मीडिया समेत सभी क्षेत्रों में सरकार का दखल बढ़ता जा रहा है। इसलिए जरूरी ही है लोकशाही को खत्म करने वाली सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए एकजुटता के साथ प्रयास होना चाहिए।