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Sharad Yadav: शरद यादव का पैतृक गांव में आज होगा अंतिम संस्कार, बिहार में एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा

Sat, 14 Jan 2023 01:40 AM IST
Amit Mandal एजेंसी, नई दिल्ली/पटना

सार

पार्थिव देह को दिल्ली से 14 जनवरी को सुबह 9 बजे विशेष विमान से भोपाल लाया जाएगा। जहां से फिर सड़क मार्ग से पैतृक गांव लाया जाएगा। दोपहर एक बजे अंतिम संस्कार होगा।
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Sharad Yadav - फोटो : Social Media
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विस्तार
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जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का अंतिम संस्कार शनिवार को मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। पुश्तैनी मकान से कुछ ही दूरी पर स्थित परिवार के ही खलिहान में उनके अंतिम संस्कार के लिए तैयारी की जा रही है। बिहार सरकार ने उनके निधन पर शुक्रवार को राज्य में एक दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है। 

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शरद यादव के बड़े भाई पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एसपीएस यादव ने बताया कि घर के पास ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। पार्थिव देह को दिल्ली से 14 जनवरी को सुबह 9 बजे विशेष विमान से भोपाल लाया जाएगा। जहां से फिर सड़क मार्ग से पैतृक गांव लाया जाएगा। दोपहर एक बजे अंतिम संस्कार होगा। मालूम हो कि बृहस्पतिवार देर रात गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह 75 साल के थे। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

राष्ट्रपति और कई नेताओं ने जताया शोक 
शरद यादव एक छात्र नेता के तौर पर सत्तर के दशक में लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए लड़े। वो संसद में वंचितों की एक महत्वपूर्ण आवाज थे। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहन संवेदनाएं हैं। - द्रौपदी मुर्मू, राष्ट्रपति
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शरद यादव एक लोकप्रिय नेता और कुशल प्रशासक थे. जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में उच्च मानदंड स्थापित किए। नके परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। ओम शांति। - जगदीप धनखड़, उपराष्ट्रपति

शरद यादव का हमारे बीच न रहना देश के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूर्णिय क्षति है। पांच दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने हमेशा जनता के मुद्दे और पिछड़ों के मुद्दे उठाए। - अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

मैंने शरद यादव से राजनीति के बारे में बहुत कुछ सीखा है, वह आज हमारे बीच नहीं है यह दुखद है। उन्होंने कभी अपना सम्मान नहीं खोया, जबकि राजनीति में सम्मान खोना बहुत आसान होता है। - राहुल गांधी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष

शरद यादव के साथ मेरा बहुत गहरा रिश्ता था। उनके निधन की खबर से स्तब्ध और दुखी हूं। वे एक प्रखर समाजवादी नेता थे। उनका निधन सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय है। - नीतीश कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री 

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