पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की जन्मजयंती मंगलवार को पूरे देश भर में मनाई गई। इस अवसर पर वरिष्ठ विचारकों ने स्वर्गीय शरद यादव को मंडल मसीहा बताया और कहा कि वंचित तबकों के अधिकारों की लड़ाई में वे सबसे आगे थे।
देश की राजनीति में समाजवादी विचारधारा के सर्वश्रेष्ठ नेताओं में शामिल शरद यादव की जन्मजयंती मंगलवार को पूरे देश भर में मनाई गई। इस अवसर पर वरिष्ठ विचारकों ने स्वर्गीय शरद यादव को मंडल मसीहा बताया और कहा कि वंचित तबकों के अधिकारों की लड़ाई में वे सबसे आगे थे। आज देश में गरीबों-पिछड़ों को जो सम्मान और अधिकार मिल सका है, उसमें शरद यादव का बड़ा हाथ रहा है।
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"शरद यादव विचार मंच" के बैनर तले दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी कर्म भूमि मधेपुरा से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने शरद यादव को अपनी श्रद्धांजलि दी। शरद यादव हमेशा कहते थे कि देश गोली से नहीं, बल्कि लोक-लाज से चलता है। वे दबे कुचले लोगों की पीड़ा को भली भांति जानते समझते थे और जहां भी रहते थे, वे हमेशा उनके लिए आवाज उठाते थे। शरद यादव की सुपुत्री सुभाषिनी यादव ने इस अवसर पर अपने पिता के कार्यों को याद किया।