एक ओर दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर किसानों के मुद्दे पर राकांपा नेता शरद पवार ने किसानों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने बुधवार को केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को तरह-तरह की गारंटी दे रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ किसान बढ़ते कर्ज के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।
पुणे में राकांपा (शरदचंद्र पवार) कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि आज, देश में किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वे कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपने उत्पादों के लिए लाभकारी मूल्य नहीं मिलता है। यदि इनपुट लागत अधिक है और उत्पादन कम है, तो ऐसे में किसान कर्ज में डूब जाते हैं। और जब वे कर्ज नहीं चुका पाते तो किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाते हैं। वर्तमान में पूरे देश में ऐसा ही माहौल व्याप्त है।
प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज अखबार और टेलीविजन चैनल विज्ञापनों से भरे हुए हैं। इनमें प्रधानमंत्री किसानों को उनकी उपज के लिए अच्छी कीमत और बाजार जैसी विभिन्न गारंटियों की पेशकश करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ, 'मोदी की गारंटी' है, लेकिन दूसरी तरफ, कहीं न कहीं कोई किसान आत्महत्या कर रहा है।
इस दौरान उन्होंने राकांपा के बागी विधायकों में से एक रहे वाल्से पाटिल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के नेताओं की पिछली पीढ़ियां अपनी पार्टी के प्रति वफादार थीं और विचारधारा से समझौता नहीं करती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ये वर्तमान नेता अपनी ही पार्टी के प्रति कोई वफादारी नहीं दिखाते हैं, फिर हम उनसे अपने मतदाताओं के प्रति वफादार होने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं।