फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शरद पवार के पास सिर्फ 41 विधायकों के हस्ताक्षर, 13 बागी विधायक जा सकते हैं अजित खेमे में

Mon, 25 Nov 2019 04:27 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन के वकील सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
  • भाजपा-105, एनसीपी - 13, निर्दलीय व छोटी पार्टियों के 29 विधायक मिलकर पार करते हैं जादुई आंकड़ा
विज्ञापन
महाराष्ट्र की राजनीति - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायकों के दो धड़ों को समर्थन की गुत्थी पूरी तरह सुलझती नहीं दिख रही है। एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने रविवार को सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि शरद पवार के पास उनकी पार्टी के 41 विधायकों के समर्थन के हस्ताक्षर हैं। चुनाव में एनसीपी से विजयी 54 में से बांकी बचे 13 विधायकों के बारे में अदालत को कोई जानकारी नहीं दी गई है।

विज्ञापन


जबकि शनिवार शाम को मुंबई में हुए एनसीपी की बैठक के बाद शरद पवार ने अजित पवार और एक-दो को छोड़ सभी विधायकों के लौट आने का दावा किया था। उधर अजित पवार और भाजपा भी एनसीपी के इतने ही विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं।

इन दावों से इतर एनसीपी के 13 विधायकों पर साफगोई नहीं होना एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा के 105 और निर्दलीय व छोटे दलों के 29 विधायकों के साथ एनसीपी के यह 13 बागी मिल जाते हैं तो गिनती 147 पर पहुंच जाती है।
विज्ञापन


जबकि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए 145 विधायक चाहिए। यानि अजित पवार सिर्फ 13 विधायकों के साथ भी भाजपा के साथ सरकार बनाने के खेल में जमें रह सकते हैं। उधर शरद पवार का समीकरण 41 विधायकों के समर्थन के बावजूद बिगड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें