पुणे में एक मीडिया वार्ता के दौरान एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने देश की आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गिरते रुपये और सरकार के फिजूलखर्ची रोकने के कदमों पर अपनी बात रखी। पवार ने कहा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 95.73 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह स्थिति देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण है।
क्या बोले एनसीपी (एसपी) प्रमुख?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए लोगों से ईंधन बचाने और खर्चों में कटौती करने की अपील की थी। शरद पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस बात को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने संकेत दिया है कि इसका अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। हालांकि, पवार ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि जब चार राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे थे, तब केंद्र सरकार ने इस संकट को गंभीरता से नहीं लिया। पवार के अनुसार, चुनाव के दौरान देश के नेतृत्व ने ऐसी कोई गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने जनता से सरकार का सहयोग करने को कहा, लेकिन साथ ही यह भी पूछा कि ये घोषणाएं पहले क्यों नहीं की गईं?
मंत्रियों पर भी साधा निशाना
शरद पवार ने उन मंत्रियों पर भी कटाक्ष किया जो सादगी का दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं सुबह से देख रहा हूं कि कुछ लोग मोटरसाइकिल से दफ्तर जा रहे हैं और कुछ पैदल चल रहे हैं। एक मंत्री ने तो सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्होंने अपनी गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। मुझे यह सुनकर धक्का लगा कि पहले उनके पास 17 गाड़ियां थीं और अब उन्होंने इसे घटाकर 8 कर दिया है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को मोटरसाइकिल चलाकर विधानमंडल पहुंचे थे। वहीं, मंत्री नितेश राणे पैदल चलकर सचिवालय गए थे। पवार ने इन गतिविधियों को केवल प्रचार का हिस्सा बताया।
नीट पेपर लीक पर क्या बोले पवार?
उन्होंने नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक होने के मुद्दे पर पवार ने कहा कि ऐसी चीजें पहले भी हुई हैं। उनके अनुसार, यह इस बात का सबूत है कि पूरी सरकारी व्यवस्था विफल हो रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।